भारत ने 26 जनवरी 2026 को WHO को पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (NiV) संक्रमण के ऐसे दो मामलों की सूचना दी, जिनकी प्रयोगशाला में पुष्टि हुई थी। दोनों रोगी बारासात, उत्तर 24 परगना जिले के एक निजी अस्पताल में 20-30 वर्षीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता थे। उनमें दिसंबर 2025 के अंत में लक्षण दिखे और जनवरी 2026 की शुरुआत में उन्हें भर्ती किया गया। पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान से 13 जनवरी 2026 को पुष्टि मिली। 190 से अधिक संपर्कों की पहचान कर जांच की गई — सभी नकारात्मक पाए गए। NCDC ने 27 जनवरी को कहा कि कोई और मामला नहीं मिला। WHO ने जोखिम को उप-राष्ट्रीय स्तर पर मध्यम तथा राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर कम आंका। भारत को निपाह प्रकोप प्रबंधन का अनुभव है — मुख्यतः केरल में, जिनमें 2018, 2019, 2021, 2023, 2024 और 2025 की घटनाएं शामिल हैं।
WHO को पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामलों की सूचना मिली; निगरानी बढ़ी
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले पुष्ट (स्वास्थ्य कार्यकर्ता, बारासात); सभी 190+ संपर्कों की रिपोर्ट नकारात्मक; WHO ने वैश्विक जोखिम कम बताया।
मुख्य तथ्य
- भारत ने 26 जनवरी 2026 को WHO को पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो ऐसे मामलों की सूचना दी, जिनकी प्रयोगशाला में पुष्टि हुई थी।
- दोनों मरीज़ 20-30 वर्ष के स्वास्थ्यकर्मी थे और उत्तर 24 परगना के बारासात के एक निजी अस्पताल में कार्यरत थे।
- पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान से 13 जनवरी 2026 को पुष्टि हुई।
- 190 से अधिक संपर्कों की पहचान कर जांच की गई — सभी नकारात्मक पाए गए; कोई अन्य मामला नहीं मिला।
- WHO ने जोखिम को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर निम्न तथा उप-राष्ट्रीय स्तर पर मध्यम माना।
- भारत में Nipah प्रकोप पहले भी मुख्य रूप से केरल (2018, 2019, 2021, 2023) में हो चुके हैं।
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स्रोत: WHO
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के कितने मामले थे?
भारत ने 26 जनवरी 2026 को WHO को पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (NiV) के दो ऐसे मामलों की सूचना दी, जिनकी प्रयोगशाला में पुष्टि हो चुकी थी — दोनों बारासात, उत्तर 24 परगना के स्वास्थ्यकर्मी थे।
निपाह वायरस क्या है और यह खतरनाक क्यों है?
निपाह वायरस (NiV) एक जूनोटिक वायरस है, जिसकी मृत्यु दर 40-75% है। इससे मस्तिष्क में गंभीर सूजन और श्वसन रोग हो सकता है — इसका कोई अनुमोदित टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है।
पश्चिम बंगाल के दोनों निपाह मरीज कौन थे?
दोनों मरीज उत्तर 24 परगना के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में 20-30 वर्ष के स्वास्थ्यकर्मी थे।
निपाह वायरस का प्राकृतिक वाहक क्या है?
**निपाह वायरस का प्राकृतिक वाहक फल खाने वाले चमगादड़ (टेरोपस प्रजाति)** हैं।
जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल के किस जिले में निपाह के मामले थे?
निपाह के मामले **उत्तर 24 परगना जिले के बारासात** में एक निजी अस्पताल में मिले।
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