भारत की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO 2026 की दूसरी छमाही में गगनयान कार्यक्रम की पहली मानवरहित परीक्षण उड़ान संचालित करने की तैयारी में है, जिसे गगनयान-G1 नाम दिया गया है। यह मिशन भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम का एक अहम पड़ाव है, जिसका लक्ष्य 2027 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों (गगनयात्रियों) को निम्न पृथ्वी कक्षा में भेजना है। गगनयान-G1 मिशन ISRO द्वारा विकसित अर्ध-मानवाकार महिला रोबोट व्योममित्र को क्रू मॉड्यूल में ले जाएगा, ताकि अंतरिक्ष यात्रियों जैसी परिस्थितियों का परीक्षण किया जा सके। मिशन में क्रू मॉड्यूल, सर्विस मॉड्यूल, पुनः प्रवेश क्रम, पैराशूट खुलने और बंगाल की खाड़ी में सुरक्षित उतरने सहित महत्वपूर्ण प्रणालियों की जांच की जाएगी। ISRO ने पहले ही महत्वपूर्ण प्रगति की है: फरवरी 2026 में, ISRO और DRDO ने चंडीगढ़ स्थित TBRL (टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी) में गगनयान कार्यक्रम के लिए अंतिम योग्यता-स्तर लोड परीक्षण किया। G1 के बाद, 2027 में पहली सवार दल वाली उड़ान H1 से पहले 2026 में दो और मानवरहित परीक्षण उड़ानें — G2 और G3 — की योजना है। गगनयान कार्यक्रम मानव अंतरिक्ष उड़ान प्रौद्योगिकी में भारत की स्वदेशी क्षमता को प्रदर्शित करता है।
ISRO गगनयान G1 मानवरहित परीक्षण उड़ान: 2026 में भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान का अहम पड़ाव
ISRO H2 2026 में गगनयान G1 की मानवरहित परीक्षण उड़ान की योजना बना रहा है। इस उड़ान में व्योममित्र रोबोट भेजा जाएगा और 2027 में क्रू H1 मिशन से पहले क्रू मॉड्यूल, पुनः प्रवेश और स्प्लैशडाउन प्रणालियों का परीक्षण किया जाएगा।
मुख्य तथ्य
- गगनयान G1 मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के तहत भारत का पहला मानवरहित परीक्षण मिशन है
- मिशन अंतरिक्ष यात्री जैसी परिस्थितियों की नकल करने के लिए ISRO के अर्ध-मानवाकार रोबोट व्योममित्र को ले जाएगा
- क्रू मॉड्यूल, सर्विस मॉड्यूल, पुनः प्रवेश, पैराशूट खुलने और बंगाल की खाड़ी में स्प्लैशडाउन का परीक्षण
- फरवरी 2026 में TBRL चंडीगढ़ में अंतिम वायुगतिकीय लोड योग्यता परीक्षण पूरा हुआ
- 2027 में क्रू H1 उड़ान से पहले तीन मानवरहित उड़ानों (G1, G2, G3) की योजना है
- ISRO START 2026 प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक 'अंतरिक्ष से अवलोकन' विषय पर चला
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए इसरो की गगनयान-जी1 मानवरहित परीक्षण उड़ान के महत्व की विवेचना कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
इसरो 2026 उत्तरार्ध में गगनयान-जी1 मानवरहित परीक्षण उड़ान करेगा। इसमें व्योममित्र ह्यूमनॉइड रोबोट के साथ क्रू मॉड्यूल, पुनःप्रवेश अनुक्रम, पैराशूट तैनाती और बंगाल की खाड़ी में स्प्लैशडाउन का परीक्षण होगा। जी2 और जी3 मानवरहित उड़ानें 2027 के मानवयुक्त एच1 मिशन से पहले होंगी; यह कार्यक्रम भारत को नासा, रॉसकॉसमॉस और सीएनएसए के समकक्ष लाता है।
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ISRO गगनयान G1 मानवरहित परीक्षण उड़ान में किस अर्ध-मानवाकार रोबोट को भेजेगा?
व्योममित्र इसरो का अर्ध-मानवाकार महिला रोबोट है। इसे मानवरहित गगनयान जी1 मिशन पर भेजा जाएगा, ताकि अंतरिक्ष यात्री जैसी स्थितियाँ बनाकर जाँची जा सकें और जीवन-समर्थन प्रणालियों की जाँच हो सके।
स्रोत: ISRO / News on AIR
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गगनयान G1 मिशन का उद्देश्य क्या है?
G1 मानवों को अंतरिक्ष में भेजने से पहले क्रू मॉड्यूल, पुनः प्रवेश, पैराशूट तैनाती और स्प्लैशडाउन प्रणालियों को परखने वाली पहली मानवरहित परीक्षण उड़ान है।
व्योममित्र कौन है?
व्योममित्र ISRO द्वारा विकसित एक अर्ध-मानवाकार महिला रोबोट है, जो मानवरहित गगनयान परीक्षण उड़ानों के दौरान अंतरिक्ष यात्री जैसी परिस्थितियों की नकल करती है।
पहली क्रू गगनयान उड़ान (H1) कब होने की उम्मीद है?
2026 में तीन मानवरहित परीक्षण उड़ानों G1, G2 और G3 के बाद पहली क्रू गगनयान H1 उड़ान 2027 के लिए तय की गई है।
पुनः प्रवेश के बाद गगनयान क्रू मॉड्यूल कहां उतरेगा?
क्रू मॉड्यूल को बंगाल की खाड़ी में सुरक्षित रूप से स्प्लैशडाउन कराने की योजना है।
ISRO START 2026 कार्यक्रम किस बारे में था?
ISRO START (स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवेयरनेस ट्रेनिंग) 2026 एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम (11 मार्च - 2 अप्रैल 2026) था, जिसका विषय 'अंतरिक्ष से अवलोकन' था।
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