भारत वर्ष 2025 में विश्व का अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण राष्ट्र बनकर उभरा और वैश्विक स्तर पर पहले स्थान पर पहुँच गया। संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण में भारत की हिस्सेदारी वर्ष 2024 के 30.1 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2025 में 35.4 प्रतिशत हो गई, जो विश्व में सर्वाधिक है। देश में जहाज पुनर्चक्रण वर्ष 2024 के 18.6 लाख ग्रॉस टन से लगभग 60 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2025 में 29.9 लाख ग्रॉस टन तक पहुँच गया। इस उपलब्धि के साथ भारत ने समुद्री भारत विजन 2030 के तहत अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित समय से पाँच वर्ष पहले ही प्राप्त कर लिया। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह उपलब्धि निरंतर नीतिगत सुधारों, उद्योग जगत के प्रयासों तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन को दर्शाती है। सरकार ने हांगकांग अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन (HKC) के अनुरूप जहाज पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 लागू किया, जिसकी पुष्टि भारत ने वर्ष 2019 में की थी। यार्डों के आधुनिकीकरण हेतु 53.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई, जिससे 115 सुविधाएँ HKC-अनुरूप बन गईं। जहाज पुनर्चक्रण क्रेडिट नोट योजना के तहत जहाज मालिकों को स्क्रैप मूल्य के 40 प्रतिशत के बराबर क्रेडिट नोट मिलता है, जिसका उपयोग भारतीय शिपयार्ड में बने नए जहाज के मूल्य के 5 प्रतिशत तक के भुगतान में किया जा सकता है। भारत अलंग जहाज पुनर्चक्रण यार्ड की क्षमता लगभग दोगुनी कर 90 लाख लाइट डिस्प्लेसमेंट टन (LDT) तक पहुँचाना चाहता है। BIMCO के अनुसार अगले दशक में विश्व भर में 16,000 से अधिक जहाजों के पुनर्चक्रण की संभावना है, जिससे भारत सालाना लगभग 500 से 600 जहाजों के पुनर्चक्रण की स्थिति में है।
भारत वर्ष 2025 में विश्व का अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण राष्ट्र बना
UNCTAD के अनुसार भारत वर्ष 2025 में 35.4 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के साथ विश्व का अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण राष्ट्र बना और उसने समुद्री भारत विजन 2030 का लक्ष्य पाँच वर्ष पहले ही प्राप्त कर लिया।
मुख्य तथ्य
- UNCTAD के अनुसार भारत वर्ष 2025 में 35.4 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी (2024 के 30.1 प्रतिशत से अधिक) के साथ विश्व का अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण राष्ट्र बना।
- जहाज पुनर्चक्रण लगभग 60 प्रतिशत बढ़ा, वर्ष 2024 के 18.6 लाख ग्रॉस टन से वर्ष 2025 में 29.9 लाख ग्रॉस टन तक।
- भारत ने समुद्री भारत विजन 2030 का जहाज पुनर्चक्रण लक्ष्य निर्धारित समय से पाँच वर्ष पहले प्राप्त किया।
- जहाज पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 हांगकांग अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन (HKC) के अनुरूप है, जिसकी पुष्टि भारत ने 2019 में की; 53.5 करोड़ रुपये की सहायता से 115 सुविधाएँ HKC-अनुरूप बनीं।
- जहाज पुनर्चक्रण क्रेडिट नोट योजना में मालिकों को स्क्रैप मूल्य के 40 प्रतिशत का क्रेडिट नोट मिलता है, जो भारतीय शिपयार्ड में बने नए जहाज के मूल्य के 5 प्रतिशत तक उपयोगी है।
- अलंग जहाज पुनर्चक्रण यार्ड की क्षमता लगभग दोगुनी कर 90 लाख LDT तक की जाएगी; BIMCO के अनुसार अगले दशक में 16,000 से अधिक जहाजों का पुनर्चक्रण संभावित है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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वर्ष 2025 में भारत के जहाज पुनर्चक्रण प्रदर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण में भारत की हिस्सेदारी बढ़कर 35.4 प्रतिशत हो गई, जो विश्व में सर्वाधिक है।\n2. भारत ने समुद्री भारत विजन 2030 का जहाज पुनर्चक्रण लक्ष्य वर्ष 2030 में निर्धारित समय पर ही प्राप्त किया।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
कथन 1 सही है: UNCTAD के अनुसार वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण में भारत की हिस्सेदारी वर्ष 2024 के 30.1 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2025 में 35.4 प्रतिशत हो गई, जो विश्व में सर्वाधिक है। कथन 2 गलत है: भारत ने समुद्री भारत विजन 2030 का लक्ष्य निर्धारित समय से पाँच वर्ष पहले ही प्राप्त किया, न कि वर्ष 2030 में निर्धारित समय पर। अतः केवल कथन 1 सही है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वर्ष 2025 में वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण में भारत की हिस्सेदारी कितनी रही?
UNCTAD के अनुसार भारत की हिस्सेदारी वर्ष 2024 के 30.1 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2025 में 35.4 प्रतिशत हो गई, जो विश्व में सर्वाधिक है।
भारत ने कौन-सा लक्ष्य समय से पहले प्राप्त किया?
भारत ने समुद्री भारत विजन 2030 के तहत अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण राष्ट्र बनने का लक्ष्य पाँच वर्ष पहले ही प्राप्त कर लिया।
जहाज पुनर्चक्रण क्रेडिट नोट योजना क्या है?
जहाज मालिकों को पुनर्चक्रित जहाज के स्क्रैप मूल्य के 40 प्रतिशत के बराबर क्रेडिट नोट मिलता है, जिसका उपयोग भारतीय शिपयार्ड में बने नए जहाज के मूल्य के 5 प्रतिशत तक के भुगतान में होता है।
भारत अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन को कैसे मजबूत कर रहा है?
सरकार ने हांगकांग कन्वेंशन के अनुरूप जहाज पुनर्चक्रण अधिनियम, 2019 लागू किया तथा 53.5 करोड़ रुपये की सहायता से 115 सुविधाओं को HKC-अनुरूप बनाया।
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