विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने बेंगलुरु में आयोजित आर.आई.एस.ई. कॉन्क्लेव 2026 में कहा कि भारत का स्टार्टअप आंदोलन रोज़गार सृजन का एक प्रमुख चालक बनकर उभरा है और इसने पिछले दशक में लगभग 24 से 25 लाख नौकरियाँ सृजित की हैं। इस कॉन्क्लेव का विषय "विकसित भारत 2047 के लिए नवाचार और उद्यमिता संचालित विकास" था। उन्होंने बताया कि लगभग दस वर्ष पूर्व देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में केवल 350 से 400 स्टार्टअप शामिल थे, जबकि आज यह लगभग 2.3 लाख उद्यमों तक विस्तारित हो गया है। इससे भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है और यह एक पूर्ण विकसित नवाचार अर्थव्यवस्था में इसके परिवर्तन को दर्शाता है। डॉ. सिंह ने इसका श्रेय वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "स्टार्टअप इंडिया" आह्वान को दिया, जिसने एक जीवंत उद्यमशीलता संस्कृति की नींव रखी, जबकि बाद के सुधारों ने रणनीतिक क्षेत्रों में निजी भागीदारी के नए रास्ते खोले। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप अब टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं, जो दर्शाता है कि नवाचार अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। एयरोस्पेस के संदर्भ में उन्होंने बताया कि CSIR-एनएएल द्वारा स्थापित देश के पहले सार्वजनिक-निजी एयरोस्पेस इनक्यूबेशन केंद्र mach33.aero ने पाँच वर्ष पूरे कर लिए हैं और 34 स्टार्टअप को इनक्यूबेट किया है, जबकि आर.आई.एस.ई. 2026 में 125 से अधिक स्टार्टअप एक साथ आए। उन्होंने राष्ट्रीय मिशनों की प्रगति का भी उल्लेख किया तथा कहा कि आठ वर्ष की कार्ययोजना के साथ शुरू किए गए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन ने निर्धारित समय से पहले कई पड़ाव हासिल किए हैं और इंडियाएआई मिशन कंप्यूटिंग अवसंरचना, डेटा तंत्र तथा भविष्य के कौशल में नए अवसर सृजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का मार्ग देश की प्रयोगशालाओं, उद्योगों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से होकर गुजरता है।
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम ने लगभग 25 लाख रोज़गार सृजित किए; स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 350 से बढ़कर 2.3 लाख हुई: डॉ. जितेंद्र सिंह
Aसीधा उत्तर
बेंगलुरु में आर.आई.एस.ई. कॉन्क्लेव 2026 में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम ने एक दशक में लगभग 24 से 25 लाख रोज़गार सृजित किए हैं और स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 350-400 से बढ़कर करीब 2.3 लाख हो गई है, जिससे यह विश्व का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बन गया है।
मुख्य तथ्य
- भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम ने पिछले दशक में लगभग 24 से 25 लाख रोज़गार सृजित किए।
- स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 350-400 से बढ़कर करीब 2.3 लाख हो गई, जिससे भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया।
- वर्ष 2015 के स्टार्टअप इंडिया आह्वान ने जीवंत उद्यमशीलता संस्कृति की नींव रखी।
- भारत के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप अब टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं।
- विकसित भारत 2047 को समर्पित आर.आई.एस.ई. कॉन्क्लेव 2026 में बेंगलुरु में 125 से अधिक स्टार्टअप एक साथ आए।
- CSIR-एनएएल का mach33.aero, पहला सार्वजनिक-निजी एयरोस्पेस इनक्यूबेशन केंद्र, पाँच वर्ष पूरे कर 34 स्टार्टअप इनक्यूबेट कर चुका है।
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स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम ने कितने रोज़गार सृजित किए हैं?
डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, इसने पिछले दशक में लगभग 24 से 25 लाख रोज़गार सृजित किए हैं।
स्टार्टअप्स की संख्या में कितनी वृद्धि हुई है?
लगभग दस वर्ष पूर्व के करीब 350 से 400 स्टार्टअप से बढ़कर आज लगभग 2.3 लाख उद्यम हो गई है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत का वैश्विक स्थान क्या है?
भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।
आर.आई.एस.ई. कॉन्क्लेव 2026 कहाँ आयोजित हुआ और इसका विषय क्या था?
यह बेंगलुरु में आयोजित हुआ, जिसका विषय विकसित भारत 2047 के लिए नवाचार और उद्यमिता संचालित विकास था।
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