वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने तथा गुणवत्ता मापदंडों को बनाए रखते हुए उद्योग जगत के लिए नियमों का पालन आसान बनाने के उद्देश्य से ट्रांज़िशन फैसिलिटेशन (क्वालिटी कंट्रोल) ऑर्डर, 2026 जारी किया है। यह आदेश एक ऐसा ढाँचा प्रस्तुत करता है जिसका लक्ष्य नियामक अनुपालन तथा नवाचार, तकनीकी प्रगति और आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती के बीच संतुलन स्थापित करना है। भारत सरकार सुरक्षित, भरोसेमंद और मानकों के अनुरूप उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित कर एक सुदृढ़ गुणवत्ता प्रणाली बनाने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में डीपीआईआईटी ने आवश्यक उत्पादों के लिए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (क्यूसीओ) जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ाना तथा मानकीकरण एवं बेहतर विनिर्माण विधियों के माध्यम से घरेलू उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 का यह आदेश एक वैकल्पिक, जोखिम-आधारित अनुपालन प्रणाली लाता है, जो गुणवत्ता आश्वासन एवं उपभोक्ता संरक्षण को बनाए रखते हुए उद्योगों के लिए बदलाव की प्रक्रिया सरल करता है। यह आदेश घरेलू उद्योगों को बीआईएस की स्कीम I (आईएसआई मार्क स्कीम) के स्थान पर भारतीय मानक ब्यूरो (कन्फॉर्मिटी असेसमेंट) नियम, 2018 की शेड्यूल II की स्कीम II के अंतर्गत लाइसेंसधारी निर्माताओं से आपूर्ति लेने की सुविधा देता है। इसके तहत मंज़ूरी तकनीकी क्षमता, अनुपालन के सिद्ध रिकॉर्ड तथा तकनीक अपनाने, डिज़ाइन एवं अनुसंधान क्षमता विकसित करने, नवाचार और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता के आधार पर दी जाएगी। यह आदेश उन निर्माताओं को भी लाभ देता है जिन्होंने बिना किसी चूक के लगातार तीन वर्षों तक क्यूसीओ आवश्यकताओं का पालन किया है। इस सुधार से तकनीकी आधुनिकीकरण, नवाचार, घरेलू मूल्य श्रृंखलाओं की मज़बूती तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ भारत के जुड़ाव में सुधार की उम्मीद है।