24 मार्च 2026 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पहल के तहत पांच नए सुधारों की घोषणा की। इससे 2026 में स्वीकृत रेल सुधारों की कुल संख्या नौ हो गई। '52 सप्ताह में 52 सुधार' ढांचे का लक्ष्य माल ढुलाई, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और यात्री सेवाओं के स्तर पर भारतीय रेलवे में व्यापक बदलाव लाना है।

पांच नए सुधारों में से दो माल परिवहन, एक निर्माण गुणवत्ता और दो यात्री सुविधा से संबंधित हैं। नमक परिवहन सुधार के तहत मल्टीमॉडल आवाजाही के लिए टॉप-लोडिंग फ्लैप और हाइड्रोलिक साइड डिस्चार्ज वाली स्टेनलेस स्टील कंटेनर प्रणाली लाई जाएगी। यह भारत के तीन सबसे बड़े नमक उत्पादक राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है: तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान, जो मिलकर लगभग 3.5 करोड़ टन वार्षिक उत्पादन करते हैं। ऑटोमोबाइल परिवहन सुधार 3.1 करोड़ यूनिट के घरेलू ऑटोमोबाइल बाजार को ध्यान में रखकर किया गया है।

निर्माण गुणवत्ता सुधार में पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त पात्रता मानदंडों को मजबूत करने वाले सात बदलाव शामिल हैं। यात्री सुविधा के लिए: टिकट रद्दीकरण की समयसीमा 72, 24 और 8 घंटे पहले (48, 12 और 4 घंटे से) कर दी गई है; काउंटर टिकट किसी भी स्टेशन से रद्द कर स्वचालित रिफंड लिया जा सकता है — TDR की जरूरत खत्म; प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक श्रेणी उन्नयन और बोर्डिंग स्टेशन बदलाव की अनुमति। राजस्थान एक प्रमुख नमक उत्पादक राज्य (सांभर और पचपदरा नमक क्षेत्र) होने के कारण इन सुधारों से सीधे प्रभावित होगा।