2025 के नोबेल रसायन विजेताओं द्वारा विकसित मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (MOFs) सामग्री विज्ञान में सबसे महत्वपूर्ण प्रगतियों में से एक है। MOFs में असाधारण रूप से बड़ा आंतरिक सतह क्षेत्र होता है — एक ग्राम MOF सामग्री को खोलने पर उसका सतह क्षेत्र एक फुटबॉल मैदान के बराबर हो सकता है।

मेलबर्न विश्वविद्यालय में रिचर्ड रॉबसन ने 1990 के दशक में सबसे पहले दिखाया कि धातु आयन और कार्बनिक लिंकर मिलकर विस्तृत छिद्रपूर्ण नेटवर्क बना सकते हैं। क्योटो विश्वविद्यालय में सुसुमु किटागावा ने दिखाया कि ये फ्रेमवर्क गैस अणुओं को अवशोषित कर संग्रहीत कर सकते हैं। UC बर्कले में उमर याघी ने रेटिकुलर रसायन विज्ञान विकसित किया — यानी सटीक छिद्र आकार और रासायनिक गुणों वाले MOFs को डिजाइन और संश्लेषित करने की विधि।

प्रमुख अनुप्रयोगों में शामिल हैं: (1) रेगिस्तानी हवा से जल संग्रहण — MOF-आधारित उपकरण 20% से कम आर्द्रता वाले क्षेत्रों में भी पीने का पानी निकाल सकते हैं; (2) कार्बन कैप्चर — MOFs बिजली संयंत्र की फ्लू गैसों से CO2 को चुनिंदा रूप से पकड़ सकते हैं; (3) स्वच्छ ऊर्जा के लिए हाइड्रोजन भंडारण; (4) नियंत्रित खुराक में दवा छोड़ने वाली दवा-वितरण प्रणालियां। आज तक 100,000 से अधिक विभिन्न MOFs संश्लेषित किए गए हैं, और AI द्वारा हजारों और की भविष्यवाणी की गई है।