विद्युत मंत्रालय ने 23 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय विद्युत नीति (NEP) 2026 का मसौदा जारी किया। यह मसौदा विकसित भारत @2047 की परिकल्पना के अनुरूप देश के बिजली क्षेत्र में व्यापक बदलाव की रूपरेखा पेश करता है। अंतिम रूप मिलने के बाद नई नीति मौजूदा राष्ट्रीय विद्युत नीति 2005 की जगह लेगी। इसमें ऊर्जा की मांग, तकनीक और जलवायु संबंधी प्राथमिकताओं में पिछले दो दशकों के दौरान आए बदलावों को ध्यान में रखा गया है।

इसकी प्रमुख विशेषताओं में 2030 तक कुल स्थापित क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी 50% करना, ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को बिजली व्यवस्था से जोड़ना, हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देना, बिजली वितरण कंपनियों (DISCOM) में सुधार करना, नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी के लिए पारेषण ढांचे को मज़बूत करना और परिवहन का विद्युतीकरण शामिल हैं। मसौदे में बिजली के व्यापार के लिए एक साझा राष्ट्रीय बाज़ार बनाने और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देने का प्रस्ताव भी है।