राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 13 मई 2026 को घोषणा की कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों के बीच राष्ट्रीय संसाधन प्रबंधन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के जवाब में राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जयपुर स्थित अपने कार्यालय में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या घटाकर पाँच करने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उनके अथवा मंत्रिमंडलीय मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और सचिव स्तर तथा उससे ऊपर के अधिकारियों के काफिलों में अनावश्यक वाहन तैनात न किए जाएं। राज्य सरकार ने सभी विभागों से कहा है कि वे कार्यालयों के बीच यात्रा के लिए कारपूलिंग और साझा परिवहन को प्रोत्साहित करें, जहाँ संभव हो वहाँ आमने-सामने की बैठकों के बजाय वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता दें, राजस्थान ईवी नीति 2022 के अंतर्गत बेड़े के नवीनीकरण को क्रमिक रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाएं, राज्य पीएसयू वाहनों के ईंधन उपयोग की लेखापरीक्षा करें और बड़े काफिलों से जुड़े बार-बार होने वाले रिबन कटिंग तथा उद्घाटन कार्यक्रमों में कटौती करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम ऊर्जा संरक्षण और आयात बिल में कटौती की राष्ट्रीय कोशिशों को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है, क्योंकि भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 87 प्रतिशत आयात करता है। यह निर्देश उसी दिन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों द्वारा की गई कार्रवाइयों के समान है, और इससे राज्य प्रशासनों में खर्च में संयम बरतने का साफ़ संदेश जाने की उम्मीद है।