पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम 2025 अधिसूचित किए, जिनमें नियम 11A के तहत सभी प्लास्टिक पैकेजिंग पर QR कोड और बारकोड लगाना अनिवार्य किया गया है। यह संशोधन प्लास्टिक आपूर्ति शृंखलाओं को पता लगाने योग्य और जवाबदेह बनाकर भारत की चक्रीय अर्थव्यवस्था संबंधी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। नए नियमों के तहत प्लास्टिक पैकेजिंग की प्रत्येक इकाई पर एक QR या बारकोड होना चाहिए, जिससे निर्माता, पुनर्चक्रित सामग्री का प्रतिशत और निपटान निर्देशों से जुड़ी जानकारी मिले। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को अनुपालन और प्रवर्तन की देखरेख के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है। नियमों में विभिन्न श्रेणियों की प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए पुनर्चक्रित सामग्री की न्यूनतम सीमाएं भी निर्धारित की गई हैं। यह संशोधन भारत के विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (EPR) ढांचे का हिस्सा है। QR अनिवार्यता प्लास्टिक प्रवाह पर डेटा संग्रह में सुधार करेगी और वैश्विक प्लास्टिक संधि वार्ताओं में भारत की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद करेगी।