प्रकाशित: 27 नवंबर 2025समाचार स्रोतटॉपिक
भारतीय नौसेना को INS तारागिरि मिला — प्रोजेक्ट 17A के तहत चौथा निलगिरी श्रेणी का स्टील्थ फ्रिगेट
भारतीय नौसेना को 28 नवंबर 2025 को मुंबई में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में INS तारागिरि सौंपा गया। यह चौथा निलगिरी-श्रेणी (प्रोजेक्ट 17A) स्वदेशी उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट है और युद्धपोत डिज़ाइन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
प्रमुख तथ्य: 81 महीनों में निर्मित (पहले जहाज INS निलगिरी के 93 महीनों की तुलना में), 75% स्वदेशी सामग्री, 200+ MSME शामिल, लगभग 4,000 प्रत्यक्ष और 10,000 अप्रत्यक्ष रोजगार। ब्रह्मोस मिसाइल, MFSTAR रडार और CODOG प्रणोदन से सुसज्जित। 3 अप्रैल 2026 को विशाखापत्तनम में इसे कमीशन किया गया।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'**भारतीय नौसेना को INS Taragiri मिला — Nilgiri-क्लास का चौथा स्टेल्थ फ्रिगेट**' में मुख्य घटनाक्रम क्या है?
मुख्य तथ्य: INS Taragiri, Project 17A के तहत बनी Nilgiri-क्लास की चौथी स्वदेशी उन्नत स्टेल्थ फ्रिगेट है, जिसे भारतीय नौसेना ने 28 नवंबर 2025 को MDL Mumbai में प्राप्त किया।
**भारतीय नौसेना को INS Taragiri मिला — चौथा** से संबंधित प्रमुख घटना कब हुई?
प्रमुख घटना **28 नवंबर 2025** को हुई। यह 81 महीनों में बनकर तैयार हुआ, जबकि पहले जहाज INS Nilgiri को 93 महीने लगे थे। इसमें **75%** स्वदेशी सामग्री है और इसके निर्माण में 200 से अधिक MSMEs शामिल रहे।
भारत के लिए **भारतीय नौसेना को INS Taragiri मिला — चौथा** का व्यापक महत्व या प्रभाव क्या है?
व्यापक महत्व: इससे लगभग 4,000 प्रत्यक्ष और **10,000** अप्रत्यक्ष रोजगार बने।
**भारतीय नौसेना को INS Taragiri मिला — चौथा** से संबंधित महत्वपूर्ण आँकड़े क्या हैं?
प्रमुख आँकड़े: **75%** — BrahMos मिसाइलों, MFSTAR रडार और CODOG प्रणोदन संयंत्रों से सुसज्जित
**RAS/UPSC** प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए **भारतीय नौसेना को INS Taragiri मिला — चौथा** क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विषय **RAS/UPSC** परीक्षाओं के **राष्ट्रीय** खंड के लिए महत्वपूर्ण है। परीक्षा-उपयोगी मुख्य बिंदु: बाकी तीन P-17A जहाज़ों की डिलीवरी अगस्त 2026 तक करने की योजना है।