राजस्थान सरकार ने 13 मार्च 2026 को राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति 2026 की अधिसूचना जारी की। इस विस्तृत नीतिगत ढाँचे का उद्देश्य राज्य को भारत में उभर रहे सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाना है। यह नीति केंद्र सरकार के भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, जिसके लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है, और सेमीकंडक्टर क्षेत्र की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) के अनुरूप है।
नीति में चार क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है: दूसरी कंपनियों के लिए सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण (OSAT), सेमीकंडक्टर असेंबली, परीक्षण, अंकन और पैकेजिंग (ATMP), सेंसर निर्माण तथा फैबलेस चिप डिज़ाइन। जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र और कंकाणी औद्योगिक क्षेत्र को प्राथमिकता वाले सेमीकंडक्टर गलियारे घोषित किए गए हैं। यहाँ भूमि का तेज़ी से आवंटन होगा, बिजली-पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए समन्वित सहायता मिलेगी और राजनिवेश पोर्टल के ज़रिए एकल-खिड़की मंज़ूरी दी जाएगी।
प्रमुख वित्तीय प्रोत्साहनों में 7 वर्ष के लिए बिजली शुल्क में 100% छूट, स्टाम्प ड्यूटी और भूमि रूपांतरण शुल्क में 75% छूट, रूपांतरण लागत की 25% प्रतिपूर्ति, भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत पूँजीगत सब्सिडी के 60% के बराबर अनुदान, सावधि ऋण पर 5% ब्याज सहायता और पर्यावरण संरक्षण पर हुए खर्च की 50% प्रतिपूर्ति शामिल हैं। अपने उपयोग के लिए लगाई गई नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को भी बिजली शुल्क में 100% छूट मिलेगी।
नीति के क्रियान्वयन की निगरानी राज्य-स्तरीय स्वीकृति समिति और राज्य सशक्त समिति करेंगी तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा। आईआईटी जोधपुर और एनआईटी जोधपुर के कारण शहर में सूचना-प्रौद्योगिकी तंत्र पहले से विकसित है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा पास है और राजस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के मौजूदा क्लस्टर भी हैं। इन कारणों से यह क्षेत्र सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण के लिए उपयुक्त है।
