भारतीय नौसेना 3 अप्रैल 2026 को विशाखापत्तनम में अपने नवीनतम स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरि (एफ-41) को कमीशन करेगी। समारोह की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। यह नौसेना की परियोजना 17ए (नीलगिरि श्रेणी) का चौथा जहाज है। इसे मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया है। इस युद्धपोत का विस्थापन 6,670 टन है और रडार पर इसकी पहचान बहुत कम होती है। यह संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली से संचालित है। इस पर लगी सुपरसोनिक सतह-से-सतह मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह-से-वायु मिसाइलें और पनडुब्बी-रोधी युद्ध प्रणाली युद्ध प्रबंधन प्रणाली से जुड़ी हैं। इसके निर्माण में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है और भारत की आत्मनिर्भरता पहल के तहत 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों ने योगदान दिया है। जहाज 28 नवंबर 2025 को नौसेना को सौंपा गया था। परियोजना 17ए के तीन जहाज—आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि—पहले ही कमीशन हो चुके हैं। कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स में तीन और पतवारों का निर्माण चल रहा है। इस श्रेणी के कुल सात जहाजों के नौसेना के महासागरीय सतही बेड़े का प्रमुख हिस्सा बनने की उम्मीद है।