भारत और जापान ने 21 अप्रैल 2026 को मुंबई में पहला भारत-जापान कृत्रिम बुद्धिमत्ता सामरिक संवाद आयोजित किया। यह दोनों सरकारों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति और औद्योगिक सहयोग को समर्पित पहला औपचारिक संवाद-तंत्र है। संवाद की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से विदेश मंत्रालय के साइबर कूटनीति प्रभाग के संयुक्त सचिव श्री अमित ए शुक्ला तथा जापान की ओर से जापान के विदेश मंत्रालय के साइबर सुरक्षा उप-सहायक मंत्री श्री हनादा ताकाहिरो ने की। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इशिबा शिगेरू द्वारा 2025 के द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में घोषित भारत-जापान कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग पहल का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके बाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता आगामी दशक के द्विपक्षीय सहयोग का केंद्रीय स्तंभ बनकर उभरी। दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने पूरी कृत्रिम बुद्धिमत्ता शृंखला में सामरिक सहयोग पर सारगर्भित चर्चा की — इसमें सह-निर्माण, नीतिगत तालमेल, औद्योगिक क्षेत्रों में भरोसेमंद कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधानों का विकास, प्रतिभाओं की आवाजाही, संयुक्त अनुसंधान तथा बहुपक्षीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता शासन व्यवस्थाओं में साझा रुख शामिल थे। दोनों पक्षों ने भारत की प्रतिभा-क्षमता और डिजिटल लोक अवसंरचना को जापान की उन्नत औद्योगिक विशेषज्ञता और हार्डवेयर परिशुद्धता से जोड़ने के अवसरों पर भी विचार किया। उन्होंने मौजूदा विज्ञान-एवं-प्रौद्योगिकी समझौतों के अंतर्गत आदान-प्रदान तथा सहयोगी परियोजनाओं के विस्तार पर भी चर्चा की। संवाद का अगला दौर पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथियों पर जापान में आयोजित किया जाएगा।