पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) के ज़रिए 17 अप्रैल 2026 को समुद्र मंथन — राष्ट्रीय अपतटीय मिशन के तहत डेटा-संचालित अन्वेषण सम्मेलन आयोजित किया। इसका उद्देश्य मज़बूत डेटा पारिस्थितिकी तंत्र के सहारे भारत में अन्वेषण की गति और परिणामों को बेहतर बनाने के लिए उद्योग को साथ जोड़ना था। सम्मेलन की अध्यक्षता पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव ने की। इसमें 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें एमओपीएनजी और डीजीएच के अधिकारी, राष्ट्रीय तेल कंपनियों के अधिकारी, बीपी, एक्सॉनमोबिल और शेल जैसी वैश्विक अन्वेषण एवं उत्पादन कंपनियों के कार्यकारी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, केयर्न इंडिया और अदानी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन जैसे भारतीय परिचालक तथा एसएलबी और शियरवॉटर जियोसर्विसेज जैसी भूकंपीय सेवा फर्मों के प्रतिनिधि शामिल थे। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत "अनुमान-आधारित अन्वेषण से डेटा-संचालित खोज" की ओर बढ़ रहा है और इसके लिए अधिक सहयोगात्मक तथा खुले डेटा पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता है। उद्योग प्रतिनिधियों ने रेखांकित किया कि भूकंपीय डेटा की उपलब्धता, गुणवत्ता और पहुँच अन्वेषण की सफलता के महत्वपूर्ण निर्धारक हैं। डेटा कवरेज में कमियाँ, विशेषकर सीमावर्ती और गहरे पानी के बेसिनों में, निवेश प्रवाह को सीमित कर रही हैं। समुद्र मंथन मिशन का उद्देश्य खुले डेटा, बहु-ग्राहक सर्वेक्षणों और उन्नत उपसतही इमेजिंग को जोड़कर भारत की विशाल अपतटीय क्षमता का उपयोग करना है। यह घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन बढ़ाने और आयात निर्भरता कम करने के सरकार के प्रयास के अनुरूप है। सम्मेलन में ओपन एक्रिएज लाइसेंसिंग कार्यक्रम (ओएएलपी) के तहत प्रगति की समीक्षा भी की गई और वैश्विक प्रथा के अनुरूप बहु-ग्राहक भूकंपीय डेटा अधिग्रहण ढाँचे पर विचार किया गया।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 को समुद्र मंथन के तहत डेटा-आधारित अन्वेषण सम्मेलन आयोजित किया; हरदीप पुरी ने कहा भारत अनुमान-आधारित अन्वेषण से डेटा को प्राथमिकता देने वाली खोज की ओर बढ़ रहा है
17 अप्रैल 2026 को एमओपीएनजी एवं डीजीएच ने समुद्र मंथन के तहत डेटा-आधारित अन्वेषण सम्मेलन की मेजबानी की, ताकि भारत में खुले डेटा की व्यवस्था का विस्तार किया जा सके। मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत बिना ठोस जानकारी वाले अन्वेषण से डेटा को प्राथमिकता देने वाली खोज की ओर बढ़ रहा है; बीपी, एक्सॉनमोबिल, शेल, रिलायंस, केयर्न एवं भूकंपीय फर्मों के 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्य तथ्य
- एमओपीएनजी ने हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) के माध्यम से 17 अप्रैल 2026 को समुद्र मंथन — राष्ट्रीय अपतटीय मिशन के तहत डेटा संचालित अन्वेषण सम्मेलन की मेजबानी की
- सम्मेलन की अध्यक्षता पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव ने 80+ प्रतिनिधियों के साथ की
- प्रतिभागियों में बीपी, एक्सॉनमोबिल, शेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, केयर्न इंडिया, अदानी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन, एसएलबी एवं शियरवॉटर जियोसर्विसेज शामिल थे
- मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत अंधे अन्वेषण से डेटा-संचालित खोज की ओर बढ़ रहा है
- सम्मेलन ने रेखांकित किया कि भूकंपीय डेटा की गुणवत्ता, उपलब्धता एवं पहुँच अन्वेषण सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं
- सीमावर्ती एवं गहरे पानी के बेसिनों में अब भी डेटा कवरेज की कमियाँ हैं जो निवेश को सीमित करती हैं
- चर्चाओं में ओपन एक्रिएज लाइसेंसिंग कार्यक्रम (ओएएलपी) तथा एक बहु-ग्राहक भूकंपीय डेटा अधिग्रहण ढाँचा शामिल था
6-अक्ष वर्गीकरण
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18 अप्रैल 2026 को आयोजित डेटा-संचालित अन्वेषण सम्मेलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सम्मेलन का आयोजन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) द्वारा किया गया था। 2. यह समुद्र मंथन — राष्ट्रीय अपतटीय मिशन के तहत आयोजित हुआ। 3. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत बिना डेटा के अन्वेषण से डेटा-संचालित खोज की ओर बढ़ रहा है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
तीनों कथन सही हैं। सम्मेलन का आयोजन एमओपीएनजी के अंतर्गत डीजीएच ने किया था। यह समुद्र मंथन — राष्ट्रीय अपतटीय मिशन के तहत हुआ। मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 80 से अधिक प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत बिना पर्याप्त डेटा वाले अन्वेषण से डेटा-आधारित खोज की ओर बढ़ रहा है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
17 अप्रैल 2026 को आयोजित डेटा-आधारित अन्वेषण सम्मेलन किस राष्ट्रीय मिशन के तहत हुआ?
यह सम्मेलन पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के समुद्र मंथन — राष्ट्रीय अपतटीय मिशन के तहत आयोजित हुआ, जिसका आयोजन हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने किया।
सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की तथा कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया?
सम्मेलन की अध्यक्षता पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव ने की तथा इसमें बीपी, एक्सॉनमोबिल, शेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, केयर्न इंडिया, अदानी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन, एसएलबी एवं शियरवॉटर जियोसर्विसेज सहित 80 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किस मुख्य बदलाव का उल्लेख किया?
उन्होंने कहा कि भारत अंधे अन्वेषण से डेटा-आधारित खोज की ओर बढ़ रहा है। साथ ही, अधिक सहयोगात्मक और खुले डेटा पारिस्थितिकी तंत्र तथा वैश्विक श्रेष्ठ प्रथाओं के अनुरूप बहु-ग्राहक भूकंपीय डेटा अधिग्रहण ढाँचे की आवश्यकता पर बल दिया।
समुद्र मंथन का उद्देश्य क्या है?
समुद्र मंथन — राष्ट्रीय अपतटीय मिशन का उद्देश्य खुले डेटा, बहु-ग्राहक सर्वेक्षणों और उन्नत उप-सतह इमेजिंग को जोड़कर भारत की विशाल अपतटीय हाइड्रोकार्बन क्षमता का बेहतर उपयोग करना है। इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और आयात निर्भरता कम होगी।
उद्योग प्रतिभागियों ने किन बाधाओं को रेखांकित किया?
उन्होंने रेखांकित किया कि भूकंपीय डेटा की गुणवत्ता, उपलब्धता और पहुँच अन्वेषण की सफलता तय करने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं। सीमावर्ती और गहरे पानी के बेसिनों में डेटा कवरेज की कमियाँ निवेश प्रवाह को अब भी सीमित करती हैं।
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