प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 मई 2026 को अपनी पांच देशों की राजनयिक यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे। इससे पहले वे संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, स्वीडन और नॉर्वे गए थे। इतालवी उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने रोम हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री की अगवानी की, जो दोनों सरकारों द्वारा इस यात्रा को दिए गए रणनीतिक महत्व का स्पष्ट संकेत है। प्रधानमंत्री मोदी विला पैंफिली में इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और क्विरिनल पैलेस में इतालवी राष्ट्रपति सर्जियो मातरेला से शिष्टाचार भेंट करेंगे। दोनों सरकारें द्विपक्षीय संबंध को औपचारिक रूप से विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का इरादा रखती हैं, जो भू-आर्थिक, रक्षा और प्रौद्योगिकी प्राथमिकताओं पर दोनों पक्षों की बढ़ती सहमति को दर्शाता है। नेता भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 के तहत प्रगति की समीक्षा करेंगे, जिसके तहत व्यापार, निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा जनता-जनता आदान-प्रदान में सहयोग को व्यवस्थित रूप दिया गया है। कैलेंडर वर्ष 2025 में भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली का संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 3.66 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा। 19 मई 2026 को अपेक्षित समझौतों में समुद्री परिवहन, कृषि, उच्च शिक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, संग्रहालयों के बीच सहयोग और आर्थिक एवं वित्तीय अपराध के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई शामिल है। दोनों पक्ष भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे यानी आईएमईसी पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसमें इटली एक संस्थापक हस्ताक्षरकर्ता है। प्रधानमंत्री मोदी 20 मई 2026 को नई दिल्ली लौटने से पहले रोम में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे, जो बहुपक्षवाद और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारतीय प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 मई 2026 को अपनी पांच देशों की यात्रा के अंतिम पड़ाव पर रोम पहुंचे; भारत और इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 के तहत संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने और समुद्री परिवहन, कृषि, महत्वपूर्ण खनिज तथा उच्च शिक्षा पर समझौतों पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में
प्रधानमंत्री मोदी 19 मई 2026 को अपनी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे। इस दौरान भारत और इटली के संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने, संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की समीक्षा करने, समुद्री परिवहन, कृषि, महत्वपूर्ण खनिज और उच्च शिक्षा पर समझौतों पर हस्ताक्षर करने तथा आईएमईसी पहल को और गहरा करने की तैयारी है।
मुख्य तथ्य
- प्रधानमंत्री मोदी 19 मई 2026 को पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में रोम पहुंचे, जहां इतालवी उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने उनकी अगवानी की
- विला पैंफिली में मोदी-मेलोनी शिखर वार्ता के दौरान भारत और इटली के संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया जाएगा
- व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और नवाचार को शामिल करने वाली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की समीक्षा की जाएगी
- 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा और भारत में इतालवी संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 3.66 अरब अमेरिकी डॉलर रहा (अप्रैल 2000-सितंबर 2025)
- समुद्री परिवहन, कृषि, उच्च शिक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, संग्रहालय सहयोग तथा आर्थिक एवं वित्तीय अपराध पर समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे
- मोदी 20 मई 2026 को नई दिल्ली लौटने से पहले रोम में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन मुख्यालय का भी दौरा करेंगे
6-अक्ष वर्गीकरण
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19 मई 2026 को रोम में भारत-इटली द्विपक्षीय संपर्क के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की पाँच-देशीय यात्रा का अंतिम चरण थी। दोनों पक्ष संबंध को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाना चाहते थे। 2. यात्रा के दौरान जिस सहयोग ढाँचे की समीक्षा की जा रही थी, वह भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य-योजना 2025-2029 है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
कथन 1 सही है क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात से शुरू होकर नीदरलैंड्स, स्वीडन और नॉर्वे से गुजरने वाली यात्रा का पांचवां और अंतिम पड़ाव रोम था, और दोनों पक्षों ने सार्वजनिक रूप से संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने की योजना बताई थी। कथन 2 भी सही है क्योंकि संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 को व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान और नवाचार में द्विपक्षीय सहयोग का मार्गदर्शन करने वाले संरचनात्मक ढांचे के रूप में अपनाया गया था। अतः दोनों कथन सही हैं।
स्रोत: US News / Reuters
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
19 मई 2026 को रोम में प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी किसने की?
19 मई 2026 को रोम हवाई अड्डे पर इतालवी उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी की।
भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 क्या है?
यह वह ढांचा है जिस पर 2024 में भारत और इटली ने सहमति बनाई थी। इसके तहत 2025-2029 की अवधि में व्यापार, निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा लोगों के बीच संपर्क में द्विपक्षीय सहयोग को दिशा दी जाती है।
आईएमईसी क्या है और इसमें इटली की भूमिका कैसे जुड़ती है?
आईएमईसी का अर्थ है भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा। यह 2023 में जी20 नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में घोषित कई माध्यमों वाली संपर्क पहल है। इटली आईएमईसी समझौता ज्ञापन का संस्थापक हस्ताक्षरकर्ता है।
2025 में भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार कितना रहा?
कैलेंडर वर्ष 2025 में भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार 16.77 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 तक भारत में इटली से आया कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 3.66 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
मोदी रोम में एफएओ मुख्यालय का दौरा क्यों कर रहे हैं?
प्रधानमंत्री मोदी बहुपक्षवाद, वैश्विक खाद्य सुरक्षा और कृषि में दक्षिण-दक्षिण सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने के लिए रोम में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन के मुख्यालय का दौरा करेंगे।
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