भारत में हर वर्ष 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है। 2025 में यह कार्यक्रम विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और 35वें राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार (NECA) 2025 प्रदान किए। ये पुरस्कार विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) द्वारा 7 श्रेणियों के 28 उप-क्षेत्रों में उद्योगों और प्रतिष्ठानों को दिए गए। ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के लिए इसमें एक नई श्रेणी भी जोड़ी गई। 2025 में देश भर के 1,10,000 स्कूलों के 80 लाख से अधिक छात्रों ने ऊर्जा संरक्षण पर राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया। इस दिवस की शुरुआत 1991 में हुई, जब NECA की स्थापना की गई थी। भारत में ऊर्जा दक्षता को आगे बढ़ाने में PAT योजना, UJALA LED कार्यक्रम और STAR लेबलिंग जैसी प्रमुख पहलों की अहम भूमिका रही है। भारत ने 2005 के स्तरों की तुलना में अपनी उत्सर्जन तीव्रता को 45% से अधिक कम किया है और 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।