प्रकाशित: 27 मार्च 2026समाचार स्रोतविज्ञान-प्रौद्योगिकी
नोएडा एयरपोर्ट में भारत का पहला नेट-ज़ीरो कार्बन टर्मिनल भवन होगा
जेवर में नवउद्घाटित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में आधुनिक सततता उपाय अपनाए गए हैं। इसका लक्ष्य नेट-ज़ीरो उत्सर्जन वाले हवाई अड्डे के रूप में संचालन करना है, इसलिए इसे सतत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया गया है।
हवाई अड्डे का स्थापत्य डिज़ाइन भारतीय विरासत से प्रेरित है, जिसमें पारंपरिक घाटों और हवेलियों की झलक शामिल है। टर्मिनल 90,000 वर्ग मीटर से अधिक में फैला है।
ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG की सहायक कंपनी YIAPL इसके विकास और संचालन की जिम्मेदार रियायतधारी है।
हवाई अड्डे को मेट्रो रेल, रैपिड ट्रांजिट और समर्पित बस सेवाओं के साथ मल्टी-मोडल परिवहन हब के रूप में डिज़ाइन किया गया है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नेट-ज़ीरो कार्बन टर्मिनल भारत के सतत अवसंरचना एजेंडा में किस प्रकार योगदान देता है, विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारत का पहला नेट-ज़ीरो कार्बन टर्मिनल 90,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसमें ऊर्जा-दक्ष डिज़ाइन, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग और जल पुनर्चक्रण शामिल हैं। ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की अनुषंगी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह टर्मिनल कमल और हीरे से प्रेरित डिज़ाइन वाला है तथा दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल गलियारे से जुड़ता है।
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पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण मार्च 2026 में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग कितने प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई?
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नोएडा जेवर हवाई अड्डे को भारत की पहली नेट-जीरो कार्बन टर्मिनल बिल्डिंग क्यों कहा जा रहा है?
नोएडा जेवर हवाई अड्डा **नेट-जीरो कार्बन टर्मिनल बिल्डिंग** वाला भारत का पहला हवाई अड्डा है। इसमें **ऊर्जा-कुशल डिज़ाइन, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग और उन्नत जल पुनर्चक्रण प्रणाली** शामिल हैं। टर्मिनल **90,000 वर्ग मीटर से अधिक** में फैला है।
नोएडा जेवर एयरपोर्ट का रियायतधारी कौन है और यह किस देश की कंपनी है?
**Yamuna International Airport Private Limited (YIAPL)**, **Zurich Airport International AG (स्विट्जरलैंड)** की सहायक कंपनी, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास और संचालन की रियायतधारी है। यह स्विस कंपनी सतत हवाई अड्डा प्रबंधन में वैश्विक विशेषज्ञता रखती है।
नोएडा जेवर एयरपोर्ट टर्मिनल के डिजाइन की प्रेरणा क्या है?
नोएडा जेवर हवाई अड्डे के टर्मिनल का डिजाइन **कमल और हीरे के रूपांकनों** से प्रेरित है, जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। टर्मिनल **90,000 वर्ग मीटर से अधिक** क्षेत्र में फैला है और इसमें यात्रियों के लिए आधुनिक प्रसंस्करण प्रणाली तथा एयरोब्रिज हैं।
नोएडा जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए किस तरह की मल्टी-मोडल परिवहन कनेक्टिविटी की योजना है?
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को **मल्टी-मोडल परिवहन हब** के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जिसमें **मेट्रो रेल कनेक्टिविटी, रैपिड ट्रांजिट सिस्टम और समर्पित बस सेवाएं** शामिल हैं।
नोएडा जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-वाराणसी और दिल्ली-मुंबई मार्गों पर कनेक्टिविटी बढ़ाने में कैसे मदद करेगा?
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा **दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर** और **दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे** के नजदीक स्थित है। यह **छह लेन यमुना एक्सप्रेसवे** से भी सीधे जुड़ा है, जिससे आगरा, मथुरा और वृंदावन तक पहुंच आसान होती है।