जेवर में नवउद्घाटित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में आधुनिक सततता उपाय अपनाए गए हैं। इसका लक्ष्य नेट-ज़ीरो उत्सर्जन वाले हवाई अड्डे के रूप में संचालन करना है, इसलिए इसे सतत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया गया है।

हवाई अड्डे का स्थापत्य डिज़ाइन भारतीय विरासत से प्रेरित है, जिसमें पारंपरिक घाटों और हवेलियों की झलक शामिल है। टर्मिनल 90,000 वर्ग मीटर से अधिक में फैला है।

ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG की सहायक कंपनी YIAPL इसके विकास और संचालन की जिम्मेदार रियायतधारी है।

हवाई अड्डे को मेट्रो रेल, रैपिड ट्रांजिट और समर्पित बस सेवाओं के साथ मल्टी-मोडल परिवहन हब के रूप में डिज़ाइन किया गया है।