राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अंतर्गत, ने 30 मार्च 2026 को "एनर्जी स्टैटिस्टिक्स इंडिया 2026" का 33वाँ संस्करण जारी किया। यह वार्षिक प्रकाशन भारत के ऊर्जा उत्पादन, खपत और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता से जुड़े व्यापक आँकड़े प्रस्तुत करता है।

सबसे महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि 31 मार्च 2025 तक भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा (RE) क्षमता 47,04,043 मेगावाट (MW) — लगभग 47 लाख MW — हो गई है। यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा बुनियादी ढाँचे के तेज विस्तार को दिखाता है।

नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सौर ऊर्जा सबसे आगे है, जिसकी क्षमता 33,43,378 MW है — यानी भारत की कुल नवीकरणीय क्षमता का लगभग 71%। पवन ऊर्जा 11,63,856 MW के साथ दूसरे स्थान पर है, उसके बाद बड़ी जल-विद्युत 1,33,410 MW पर है। शेष हिस्सा लघु जल-विद्युत, जैव-ऊर्जा और महासागर ऊर्जा से आता है।

प्रकाशन में भारत की स्थापित क्षमता और संभावित क्षमता का भी ब्यौरा है। भारत की वर्तमान स्थापित नवीकरणीय क्षमता लगभग 220 GW है, अर्थात् कुल क्षमता का केवल 4.7% ही उपयोग में आया है — इससे निवेश और विकास की विशाल संभावना स्पष्ट होती है।

रिपोर्ट में पारंपरिक ऊर्जा — कोयला, तेल, गैस और परमाणु — तथा विभिन्न क्षेत्रों में उनकी खपत के आँकड़े भी शामिल हैं। राजस्थान, अपने विशाल थार मरुस्थल के सौर और पवन गलियारों के साथ, भारत की RE क्षमता में अग्रणी योगदानकर्ता राज्यों में से एक है।