पंचायती राज मंत्रालय ने 24 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया। यह दिवस 1993 के 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के अधिनियमन की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने देशभर की पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा और कानूनी मान्यता दी थी। वर्ष 2026 की विषयवस्तु 'सशक्त पंचायत, सर्वांगीण विकास' रखी गई, जिसका जोर स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों पर रहा। केंद्रीय कार्यक्रम में पंचायती राज राज्य मंत्री एस. पी. सिंह बघेल मुख्य अतिथि थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लिखित संदेश पढ़कर सुनाया गया। मंत्रालय ने पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) 2.0 रिपोर्ट जारी की। यह एक बहु-क्षेत्रीय सूचकांक है, जो सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के आधार पर पंचायतों के समग्र विकास, प्रदर्शन और प्रगति का आकलन करता है। इसके नौ विषय स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों पर आधारित हैं। पंचायत धरोहर पहल के तहत तीन सचित्र प्रकाशन भी जारी किए गए: त्रिपुरा की ग्रामीण विरासत पर मोनोग्राफ, तिरुपति की ग्रामीण विरासत पर मोनोग्राफ तथा 'उत्तरकाशी: सौम्य काशी' पुस्तक। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली कार्यक्रम में भाग लिया तथा देशभर की ग्राम पंचायतों ने विशेष ग्राम सभा बैठकें आयोजित कर जमीनी स्तर पर सहभागी लोकतंत्र की भावना को मजबूत किया। भारत में 2.5 लाख पंचायतें और 24.04 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, जिनमें 49.75 प्रतिशत महिलाएं हैं। 16वें वित्त आयोग ने 2026-31 अवधि के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों को 4.35 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया है।
पंचायती राज मंत्रालय ने 24 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026 मनाया; पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) 2.0 रिपोर्ट और 'मेरी पंचायत मेरी धरोहर' की तीन मोनोग्राफ जारी कीं
पंचायती राज मंत्रालय ने 24 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन में 'सशक्त पंचायत, सर्वांगीण विकास' विषय पर राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया। पीएआई 2.0 रिपोर्ट तथा त्रिपुरा, तिरुपति व उत्तरकाशी की ग्रामीण विरासत पर 'मेरी पंचायत मेरी धरोहर' की तीन मोनोग्राफ जारी की गईं। भारत में 2.5 लाख पंचायतें, 24.04 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि और 16वें वित्त आयोग का 4.35 लाख करोड़ रुपये का आवंटन है।
मुख्य तथ्य
- राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 1993 के 73वें संविधान संशोधन अधिनियम की स्मृति में मनाया गया।
- वर्ष 2026 की विषयवस्तु 'सशक्त पंचायत, सर्वांगीण विकास' रही जिसका केंद्र स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों पर था।
- पंचायती राज राज्य मंत्री एस. पी. सिंह बघेल केंद्रीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लिखित संदेश पढ़कर सुनाया गया।
- पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) 2.0 रिपोर्ट जारी की गई जो स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के नौ विषयों पर पंचायतों का आकलन करती है।
- पंचायत धरोहर पहल के तहत तीन मोनोग्राफ जारी किए गए: त्रिपुरा की ग्रामीण विरासत, तिरुपति की ग्रामीण विरासत और 'उत्तरकाशी: सौम्य काशी'।
- भारत में 2.5 लाख पंचायतें और 24.04 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, जिनमें 49.75 प्रतिशत महिलाएं हैं।
- 16वें वित्त आयोग ने 2026-31 अवधि के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों हेतु 4.35 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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24 अप्रैल 2026 को मनाए गए राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह दिवस 1993 के 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के लागू होने की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया। 2. वर्ष 2026 की विषयवस्तु ‘सशक्त पंचायत, सर्वांगीण विकास’ थी, जिसमें स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों पर बल दिया गया। 3. पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 रिपोर्ट नई दिल्ली के विज्ञान भवन कार्यक्रम में जारी की गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
पंचायती राज मंत्रालय की घोषणा एवं पीआईबी विज्ञप्ति के अनुसार तीनों कथन सही हैं। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 1993 के 73वें संविधान संशोधन अधिनियम की स्मृति में मनाया जाता है, 2026 की विषयवस्तु 'सशक्त पंचायत, सर्वांगीण विकास' स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों पर केंद्रित थी, और पीएआई 2.0 रिपोर्ट 24 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन में जारी की गई।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस कब मनाया जाता है?
यह प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992, के 1993 में लागू होने की स्मृति में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026 की विषयवस्तु क्या थी?
'सशक्त पंचायत, सर्वांगीण विकास' का मुख्य ध्यान स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों पर रहा।
पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 क्या है?
यह एक बहु-क्षेत्रीय सूचकांक है, जिसके आधार पर स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्य ढांचे के नौ विषयों में पंचायतों के समग्र विकास का आकलन किया जाता है।
मेरी पंचायत मेरी धरोहर के तहत कौन सी पुस्तकें जारी की गईं?
'त्रिपुरा की ग्रामीण विरासत', 'तिरुपति की ग्रामीण विरासत' और उत्तरकाशी पर 'सौम्य काशी' शीर्षक से तीन मोनोग्राफ जारी की गईं।
16वें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए कितना आवंटन किया है?
2026-31 अवधि के लिए 4.35 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन निर्धारित किया गया है।
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