भारत ने 26 नवंबर 2025 को अपना 76वाँ संविधान दिवस मनाया। यह 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाए जाने की 76वीं वर्षगाँठ थी। मुख्य राष्ट्रीय समारोह संविधान सदन (पुराना संसद भवन) के केंद्रीय कक्ष में सुबह 11:00 बजे हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसकी अध्यक्षता की। समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री और संसद के दोनों सदनों के सदस्य उपस्थित थे। 2025 का विषय 'हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान' था। इस अवसर पर विधायी विभाग ने मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओड़िया और असमिया—इन नौ नई भाषाओं में संविधान के संस्करण जारी किए, ताकि यह मूल दस्तावेज़ अलग-अलग भाषाएँ बोलने वाले अधिक लोगों तक पहुँच सके। 'भारत के संविधान में कला और सुलेखन' शीर्षक स्मारिका भी जारी की गई। संविधान सभा ने भारत का संविधान 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन (9 दिसंबर 1946 से 26 नवंबर 1949) में तैयार किया। प्रारूप समिति की अध्यक्षता डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर ने की। संविधान 26 जनवरी 1950 (गणतंत्र दिवस) को लागू हुआ। भारत सरकार ने डॉ. अंबेडकर के योगदान को याद करने और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए 19 नवंबर 2015 को 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में अधिसूचित किया; इसी के साथ इसे आधिकारिक मान्यता मिली। 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले (2008) की बरसी भी इसी दिन पड़ती है। पुलिसकर्मियों ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। देशभर में श्रमिक संगठनों ने नई श्रम संहिताओं के विरोध में प्रदर्शन किए। राजस्थान सरकार ने सभी जिला मुख्यालयों पर संविधान दिवस समारोह आयोजित किए, जिनमें छात्रों और सरकारी अधिकारियों के बीच मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा राज्य के नीति-निदेशक तत्वों पर ज़ोर दिया गया।