प्रकाशित: 23 मार्च 2026समाचार स्रोतशासन
गुजरात ने यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक 2026 पारित किया, उत्तराखंड के बाद देश का दूसरा राज्य बना
24 मार्च 2026 को गुजरात विधानसभा ने सात घंटे से अधिक की बहस के बाद ध्वनि मत से बहुमत के साथ गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक, 2026 पारित किया — इस तरह उत्तराखंड (2024) के बाद गुजरात भारत का दूसरा राज्य बन गया। यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों पर आधारित था, जिसे लगभग 20 लाख सार्वजनिक सुझाव प्राप्त हुए।
UCC गुजरात के सभी धार्मिक समुदायों में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए एक समान ढांचा लागू करता है। मुख्य प्रावधानों में शामिल हैं: ₹10,000 तक के जुर्माने के साथ विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण; बहुविवाह पर प्रतिबंध; जबरदस्ती या धोखाधड़ी से विवाह पर सात साल तक की कारावास; और हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक। कानून कानूनी तलाक के बाद बिना शर्त पुनर्विवाह की अनुमति देता है। यह कानून राज्य के बाहर रहने वाले गुजरात के सभी निवासियों पर लागू होगा, लेकिन अनुसूचित जनजातियों को उनकी अलग परंपराओं की रक्षा के लिए स्पष्ट रूप से छूट दी गई है।
यह विधेयक संवैधानिक रूप से अनुच्छेद 44 (नीति-निदेशक तत्व) में निहित है, जो नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता का आह्वान करता है। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने पहले राष्ट्रीय UCC के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: अनुच्छेद 44 के अंतर्गत गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 के संवैधानिक महत्व, विवाह-उत्तराधिकार पर प्रावधानों तथा अनुसूचित जनजाति छूट का परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
24 मार्च 2026 को गुजरात विधानसभा ने सात घंटे की बहस के बाद समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 ध्वनि मत से पारित किया; उत्तराखंड (2024) के बाद गुजरात देश का दूसरा राज्य बना। न्यायमूर्ति रंजना देसाई समिति ने 20 लाख सुझाव लेकर विधेयक तैयार किया। इसमें समान विवाह-तलाक-उत्तराधिकार अनिवार्य, बहुविवाह निषिद्ध; अनुच्छेद 44 के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियों को छूट।
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गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड विधेयक, 2026 को मार्च 2026 में गुजरात विधानसभा ने पारित किया। इस विधेयक के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
1. गुजरात, उत्तराखंड के बाद UCC लागू करने वाला दूसरा राज्य बना।
2. विधेयक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तैयार किया गया था।
3. अनुसूचित जनजातियों को गुजरात UCC के प्रावधानों से छूट दी गई है।
4. विधेयक संवैधानिक रूप से संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनें:
व्याख्या · सही उत्तर Cकथन 1, 2 और 3 सही हैं। कथन 4 गलत है, क्योंकि समान नागरिक संहिता का संवैधानिक आधार अनुच्छेद 44 है, जो नीति-निदेशक तत्वों में आता है; अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित है। गुजरात विधेयक में अनुसूचित जनजातियों और संविधान के भाग XXI के तहत संरक्षित प्रथागत अधिकारों वाले व्यक्तियों या समूहों को स्पष्ट छूट दी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 किस समिति ने तैयार किया?
गुजरात UCC विधेयक 2026 जस्टिस रंजना देसाई समिति द्वारा तैयार किया गया था। यह विधेयक 24 मार्च 2026 को गुजरात विधानसभा द्वारा पारित किया गया।
भारत में समान नागरिक संहिता का प्रावधान किस संवैधानिक अनुच्छेद में है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44, राज्य नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के अंतर्गत, राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करने का निर्देश देता है।
भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य कौन सा है?
उत्तराखंड 2024 में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बना। मार्च 2026 में गुजरात दूसरा राज्य बना।
गुजरात UCC 2026 के प्रावधानों से किसे छूट दी गई है?
अनुसूचित जनजातियों (ST) को गुजरात समान नागरिक संहिता 2026 के प्रावधानों से छूट दी गई है, जो अनुच्छेद 342 के तहत संवैधानिक सुरक्षा के अनुरूप है।
गुजरात समान नागरिक संहिता 2026 किन विषयों को सभी धर्मों में एकसमान रूप से नियंत्रित करती है?
गुजरात UCC 2026 राज्य के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, विरासत और उत्तराधिकार पर समान नियम अनिवार्य करती है, जो धर्म-विशिष्ट व्यक्तिगत कानूनों की जगह लेते हैं।