प्रकाशित: 23 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतशासन
केंद्रीय कैबिनेट ने संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 24 फरवरी 2026 को केरल राज्य का नाम बदलकर "केरलम" करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह नाम मलयालम भाषा से लिया गया है, जहाँ इसका उच्चारण "केरलम" होता है। यह निर्णय राज्य के नाम की हिंदी और अंग्रेजी वर्तनी को मलयालम उच्चारण के अनुरूप बनाने के लिए लिया गया है।
इस नाम परिवर्तन के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता होगी। अनुच्छेद 3 नए राज्यों के निर्माण और मौजूदा राज्यों के नाम, सीमाओं या क्षेत्रों में परिवर्तन को नियंत्रित करता है। इस प्रक्रिया के तहत संसद में विधेयक पेश करने से पहले उसे संबंधित राज्य विधानसभा के पास उसके विचारों के लिए भेजा जाता है, हालाँकि राज्य विधानसभा की सहमति कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होती।
केरल विधान सभा ने 2023 और 2024 दोनों वर्षों में केंद्र सरकार से इस नाम परिवर्तन को प्रभावी करने का आग्रह करते हुए प्रस्ताव पारित किए थे, जो राज्य के भीतर व्यापक राजनीतिक सहमति को दर्शाता है। 24 फरवरी को कैबिनेट की मंजूरी एक महत्वपूर्ण कदम है जो संवैधानिक संशोधन प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू करती है।
संशोधन विधेयक के संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद सभी केंद्रीय सरकारी रिकॉर्ड और संवैधानिक संदर्भों में "केरल" को "केरलम" से बदल दिया जाएगा। यह परिवर्तन मुख्यतः भाषाई और सांस्कृतिक प्रकृति का है और राज्य की भौगोलिक सीमाओं या प्रशासनिक संरचना को प्रभावित नहीं करता।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में राज्य का नाम बदलने को कौन सा संवैधानिक प्रावधान नियंत्रित करता है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 3 नए राज्यों के निर्माण और मौजूदा राज्यों के नाम, क्षेत्र या सीमाओं में परिवर्तन को नियंत्रित करता है। इस उद्देश्य के लिए कोई भी विधेयक संसद में पेश करने से पहले संबंधित राज्य विधानसभा को उसके विचारों के लिए भेजा जाना चाहिए, हालाँकि राज्य की सहमति बाध्यकारी नहीं होती।
केरल का नाम बदलकर केरलम क्यों किया जा रहा है?
यह नाम परिवर्तन आधिकारिक हिंदी और अंग्रेजी वर्तनी को मलयालम उच्चारण के अनुरूप बनाने के लिए किया जा रहा है। मलयालम में राज्य का नाम अंत में 'म' ध्वनि के साथ 'केरलम' है, जबकि वर्तमान आधिकारिक वर्तनी 'केरल' में यह अंतिम ध्वनि नहीं आती। यह औपनिवेशिक काल के अंग्रेजीकरण की विरासत है।
क्या केरल सरकार ने इस नाम परिवर्तन का समर्थन किया?
हाँ। केरल विधान सभा ने 2023 और 2024 दोनों वर्षों में केंद्र सरकार से राज्य का नाम 'केरलम' करने का आग्रह करते हुए प्रस्ताव पारित किए थे, जो राज्य के भीतर व्यापक राजनीतिक सहमति को दर्शाता है।
क्या यह बदलाव केरल की सीमाओं या शासन को प्रभावित करेगा?
नहीं। यह नाम परिवर्तन विशुद्ध भाषाई और सांस्कृतिक है। इसका राज्य की भौगोलिक सीमाओं, राजनीतिक स्थिति, प्रशासनिक संरचना या निवासियों के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद क्या होगा?
कैबिनेट की मंजूरी के बाद एक संवैधानिक संशोधन विधेयक तैयार किया जाएगा, उसे केरल विधानसभा की राय के लिए भेजा जाएगा, और फिर संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। पारित होने और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद सभी आधिकारिक रिकॉर्ड में नया नाम दर्ज किया जाएगा।