दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत और अरब लीग ने 'नई दिल्ली घोषणापत्र' अपनाया
Aसीधा उत्तर
31 जनवरी 2026 को भारत और अरब लीग ने नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाया, जिसमें आतंकवाद (पहलगाम हमले सहित) की निंदा, UNSC सुधार, $240 अरब के द्विपक्षीय व्यापार और हरित ऊर्जा व AI में सहयोग की प्रतिबद्धता शामिल है।
मुख्य तथ्य
31 जनवरी 2026 को भारत और अरब लीग ने नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाया।
घोषणापत्र में पहलगाम हमले सहित आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई।
दोनों पक्षों ने UN सुरक्षा परिषद में समान प्रतिनिधित्व के लिए सुधारों का आह्वान किया।
भारत और अरब लीग के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $240 अरब है।
सहयोग की प्रतिबद्धताओं में हरित ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र शामिल हैं।
घोषणापत्र 22-सदस्यीय अरब लीग के साथ भारत के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करता है।
31 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक (30–31 जनवरी 2026) के समापन पर भारत और अरब राज्यों की लीग ने 'नई दिल्ली घोषणापत्र' अपनाया। बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर और UAE के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल-मरार ने की, जिसमें सभी 22 अरब देशों ने भाग लिया।
घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की गई। अरब विदेश मंत्रियों ने भारतीय पर्यटकों को निशाना बनाने वाले पहलगाम आतंकी हमले की स्पष्ट रूप से निंदा की और आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता का संकल्प लिया। दस्तावेज में UNSC सुधारों की भी मांग की गई। भारत-अरब द्विपक्षीय व्यापार 240 अरब डॉलर से अधिक होने के साथ, 2026–2028 के लिए कार्यकारी कार्यक्रम में हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में सहयोग पर प्रतिबद्धता जताई गई।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में अपनाई गई 'नई दिल्ली घोषणा-पत्र' का भारत की पश्चिम एशिया कूटनीति एवं आर्थिक साझेदारी के लिए महत्व परखिए।
उत्तर (50 शब्द):
31 जनवरी 2026 को भारत एवं अरब लीग ने नई दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया; विदेश मंत्री जयशंकर तथा खलीफा शाहीन अल मरार ने सह-अध्यक्षता की। अरब पक्ष ने पहलगाम हमले की निंदा की, यूएनएससी सुधार का समर्थन किया, और 240 अरब डॉलर व्यापार के बीच हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा तथा एआई सहयोग का संकल्प लिया।
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घोषणापत्र के अनुसार भारत-अरब द्विपक्षीय व्यापार लगभग किस स्तर को पार कर चुका है?
व्याख्या · सही उत्तर C
घोषणापत्र में कहा गया कि भारत-अरब द्विपक्षीय व्यापार 240 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। इसमें 2026-2028 के कार्यकारी कार्यक्रम पर भी प्रतिबद्धता जताई गई, जिसमें हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और एआई शामिल हैं।
नई दिल्ली घोषणापत्र 31 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में अपनाया गया।
भारत और अरब लीग के बीच द्विपक्षीय व्यापार कितना है?
भारत और अरब लीग के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $240 अरब है। इससे ऊर्जा, प्रेषण और वस्तुओं के व्यापार में दोनों पक्षों की गहरी आर्थिक निर्भरता का पता चलता है।
अरब लीग में कितने सदस्य देश हैं और घोषणापत्र में आतंकवाद पर क्या कहा गया?
अरब लीग में 22 सदस्य देश हैं। नई दिल्ली घोषणापत्र में पहलगाम हमले का विशेष उल्लेख करते हुए आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई और हर तरह की आतंकी हिंसा के प्रति शून्य-सहिष्णुता की पुष्टि की गई।
नई दिल्ली घोषणापत्र में भारत और अरब लीग ने किस सुधार की मांग की?
दोनों पक्षों ने UN सुरक्षा परिषद में समान और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के लिए सुधार की मांग की, जिसमें ग्लोबल साउथ का उचित प्रतिनिधित्व भी शामिल है।
घोषणापत्र में भारत-अरब सहयोग के लिए किन भविष्योन्मुखी क्षेत्रों की प्रतिबद्धता जताई गई?
घोषणापत्र में हरित ऊर्जा (नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई गई — ये क्षेत्र टिकाऊ विकास और डिजिटल रूपांतरण के लिए अहम हैं।
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