वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न व्यवधानों के बावजूद भारत वित्त वर्ष 2027 में 1 लाख करोड़ डॉलर निर्यात लक्ष्य प्राप्त करने की राह पर है। उन्होंने बताया कि देश पहले ही लक्ष्य का 15% से अधिक हासिल कर चुका है। गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और कारोबार सुगमता में सुधार के बल पर भारतीय निर्यातक इस लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने अगले पांच वर्षों में सालाना 2 लाख करोड़ डॉलर निर्यात तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित व्यापार समझौते का ढांचा अंतिम रूप दे दिया है, परंतु यह समझौता तब तक लागू नहीं होगा जब तक भारत प्रतिस्पर्धी निर्यातक देशों की तुलना में शुल्क लाभ हासिल नहीं कर लेता। उन्होंने कहा कि जब तक भारतीय शुल्क प्रतिस्पर्धी देशों से कम नहीं होंगे, तब तक FTA लागू नहीं किया जा सकता। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-मई 2026-27 के दौरान वस्तुओं एवं सेवाओं सहित भारत का संचयी निर्यात $162.69 अरब अनुमानित है, जो एक वर्ष पूर्व के $141.89 अरब से 14.66% अधिक है। गोयल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने पर भी बल दिया। DPIIT द्वारा हाल ही में अधिसूचित 10,000 करोड़ रुपये के स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 का अधिकांश भाग AI से संबंधित उत्पाद एवं सेवाएं विकसित करने वाले स्टार्टअप के लिए निर्धारित किया गया है। महाराष्ट्र के डेटा सेंटर प्रयासों का समर्थन करते हुए मंत्री ने कहा कि मुंबई की कनेक्टिविटी और सबमरीन केबल लैंडिंग स्टेशन इसे एक पसंदीदा स्थान बनाते हैं, और डेटा सेंटर शुरू होने पर लाखों करोड़ रुपये उत्पन्न होंगे। 2014 में लगभग 60 रुपये प्रति डॉलर से 2026 में 95.50 रुपये तक रुपये के अवमूल्यन पर गोयल ने कहा कि विनिमय दरें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों से प्रभावित होती हैं।