22 अक्टूबर 2025 तक जल जीवन मिशन (JJM) ने देश के 15.72 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित नल-जल कनेक्शन प्रदान किए हैं, जो कुल ग्रामीण परिवारों का 81% से अधिक है। अगस्त 2019 में 'हर घर जल' लक्ष्य के साथ शुरू इस मिशन को दिसम्बर 2028 तक बढ़ाया गया है (JJM 2.0), जिसमें सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण घरों को नल-जल देना एवं सभी ग्राम पंचायतों को 'हर घर जल' प्रमाणित करना लक्ष्य है। कुल परिव्यय ₹8.69 लाख करोड़ (केंद्रीय हिस्सा ₹3.59 लाख करोड़) निर्धारित है। 'सुजलम भारत' डिजिटल ढाँचे के अंतर्गत प्रत्येक गाँव को अद्वितीय 'सुजल गाँव/सेवा क्षेत्र ID' मिलेगी। राजस्थान के बोथरा गाँव में JJM के तहत जल संरक्षण कार्यों के बाद भूजल स्तर 70 फुट ऊपर आया।
जल जीवन मिशन की उपलब्धि: 81% ग्रामीण परिवारों को नल से जल; 22 अक्टूबर 2025 तक 15.72 करोड़ घर लाभान्वित
22 अक्टूबर 2025 तक जल जीवन मिशन (JJM) ने देश के 15.72 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित नल-जल कनेक्शन प्रदान किए हैं, जो कुल ग्रामीण परिवारों का 81% से अधिक है। अगस्त 2019 में 'हर घर जल' लक्ष्य के साथ शुरू इस मिशन को दिसम्बर 2028 तक बढ़ाया गया है (JJM 2.0), जिसमें सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण घरों को नल-जल देना एवं सभी ग्राम पंचायतों को 'हर घर जल' प्रमाणित करना लक्ष्य है। कुल परिव्यय ₹8.69 लाख करोड़ (केंद्रीय हिस्सा ₹3.59 लाख करोड़) निर्धारित है। 'सुजलम भारत' डिजिटल ढाँचे के अंतर्गत प्रत्येक गाँव को विशिष्ट 'सुजल गाँव/सेवा क्षेत्र ID' मिलेगी। राजस्थान के बोथरा गाँव में JJM के तहत जल संरक्षण कार्यों के बाद भूजल स्तर 70 फुट ऊपर आया।
मुख्य तथ्य
- जल जीवन मिशन ने 15.72 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल-जल दिया — 81% ग्रामीण घर शामिल।
- JJM 2.0 मिशन को दिसम्बर 2028 तक बढ़ाता है, बढ़ा हुआ परिव्यय ₹8.69 लाख करोड़।
- लक्ष्य सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण घरों को शामिल करना और सभी ग्राम पंचायतों को 'हर घर जल' प्रमाणित करना है।
- 'सुजलम भारत' डिजिटल ढांचे में प्रत्येक गाँव को अद्वितीय 'सुजल गाँव ID' मिलेगी।
- राजस्थान के बोथरा गाँव में JJM जल संरक्षण कार्यों के बाद भूजल 70 फुट ऊपर आया।
- JJM 2.0 में केंद्रीय हिस्सा ₹3.59 लाख करोड़ है, मूल ₹2.08 लाख करोड़ से काफी अधिक।
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लेख के अनुसार जल जीवन मिशन को जेजेएम 2.0 के रूप में कब तक बढ़ाया गया है?
लेख के अनुसार जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक, यानी जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में, बढ़ाया गया है। लक्ष्य 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों को शामिल कर सभी ग्राम पंचायतों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित करना है। इसका पुनर्गठित परिव्यय 8.69 लाख करोड़ रुपये है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जल जीवन मिशन कब शुरू हुआ और इसका प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
जल जीवन मिशन (JJM) अगस्त 2019 में 'हर घर जल' लक्ष्य के साथ शुरू हुआ। इसका प्राथमिक उद्देश्य भारत के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) देना है।
22 अक्टूबर 2025 तक JJM के तहत कितने ग्रामीण परिवारों को नल-जल मिला?
22 अक्टूबर 2025 तक जल जीवन मिशन के तहत 15.72 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल-जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। यह कुल 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 81% से अधिक हिस्सा है।
JJM 2.0 क्या है और इसका संशोधित वित्तीय परिव्यय कितना है?
JJM 2.0 केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत जल जीवन मिशन का पुनर्संरचित और विस्तारित चरण है। इसके तहत मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाई गई है। इसका कुल परिव्यय ₹8.69 लाख करोड़ है और केंद्रीय हिस्सा ₹3.59 लाख करोड़ है, जो मूल ₹2.08 लाख करोड़ से काफी अधिक है।
JJM 2.0 के तहत शुरू किया गया 'सुजलम भारत' डिजिटल ढांचा क्या है?
'सुजलम भारत' JJM 2.0 के तहत शुरू किया गया एक डिजिटल ढांचा है, जिसमें प्रत्येक गाँव को एक विशिष्ट 'सुजल गाँव ID' दी जाती है। इससे ग्राम स्तर पर जल आपूर्ति बुनियादी ढाँचे, जल गुणवत्ता और सेवा वितरण की वास्तविक समय में निगरानी संभव होती है।
राजस्थान के बोथरा गाँव में JJM जल संरक्षण कार्यों का क्या प्रभाव पड़ा?
राजस्थान के बोथरा गाँव में JJM जल संरक्षण कार्यों के बाद भूजल स्तर में उल्लेखनीय 70 फुट की वृद्धि हुई, जो यह दर्शाता है कि मिशन का प्रभाव नल-जल कनेक्शन से आगे भूजल पुनर्भरण और पर्यावरणीय पुनरुद्धार तक फैला है।
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