केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) में रिकॉर्ड 860.09 अरब अमेरिकी डॉलर का कुल निर्यात किया, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 825.26 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4.22 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार वस्तु निर्यात 441.78 अरब अमेरिकी डॉलर रहा (वित्त वर्ष 2024-25 के 437.70 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले, 0.93 प्रतिशत वृद्धि) तथा सेवा निर्यात अनुमानित 418.31 अरब अमेरिकी डॉलर रहा (वित्त वर्ष 2024-25 के 387.55 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले, 7.94 प्रतिशत वृद्धि)। केवल मार्च 2026 में वर्ष का सर्वाधिक मासिक वस्तु निर्यात 38.92 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज हुआ। वर्ष के अंत में आई इस तेजी में पेट्रोलियम उत्पादों और इंजीनियरिंग वस्तुओं की प्रमुख भूमिका रही; इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, खनिज, अनाज और हस्तशिल्प ने भी ठोस योगदान दिया, यद्यपि पश्चिम एशिया संकट ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग को बाधित किया। भारत के सेवा निर्यात को आईटी, व्यावसायिक एवं पेशेवर सेवाओं, वित्तीय सेवाओं तथा यात्रा से लगातार बल मिला। फिर भी व्यापार की स्थिति दबाव भी दिखाती है: वस्तु आयात तेज़ गति से 7.46 प्रतिशत बढ़कर 774.98 अरब अमेरिकी डॉलर हो गए, जिससे वस्तु व्यापार घाटा 333.19 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। सेवाओं सहित कुल व्यापार घाटा बढ़कर 119.30 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया (वित्त वर्ष 2024-25 के 94.66 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले)। स्वर्ण आयात लगभग 25 प्रतिशत और चाँदी आयात लगभग 151 प्रतिशत बढ़ा; दोनों ने आयात खर्च बढ़ाया, जबकि कच्चे तेल की कीमत के दबाव के कारण पेट्रोलियम आयात ऊँचा बना रहा। मंत्री ने एमएसएमई के लिए नए निर्यात संवर्धन मिशन तथा यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ईएफटीए एवं मॉरीशस के साथ सक्रिय द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रमुख सहायक कारक बताया।
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 860.09 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया; 15 अप्रैल को जारी वाणिज्य मंत्रालय के आँकड़ों में 4.22 प्रतिशत वृद्धि दर्ज
15 अप्रैल 2026 को वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि भारत का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 860.09 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो 4.22% की वृद्धि है। वस्तु निर्यात 441.78 अरब अमेरिकी डॉलर तथा सेवा निर्यात 418.31 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। केवल मार्च 2026 में 38.92 अरब अमेरिकी डॉलर का वस्तु निर्यात हुआ, परंतु आयात निर्यात से अधिक होने के कारण समग्र व्यापार घाटा बढ़कर 119.30 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
मुख्य तथ्य
- भारत का कुल निर्यात (वस्तु + सेवा) वित्त वर्ष 2025-26 में 860.09 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में अनुमानित 4.22% वृद्धि है।
- वस्तु निर्यात 441.78 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, 0.93% वृद्धि के साथ; सेवा निर्यात 418.31 अरब अमेरिकी डॉलर, 7.94% वृद्धि के साथ।
- मार्च 2026 में वर्ष का सर्वाधिक मासिक वस्तु निर्यात 38.92 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज हुआ।
- पेट्रोलियम उत्पादों एवं इंजीनियरिंग वस्तुओं ने उछाल का नेतृत्व किया; इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, खनिज, अनाज और हस्तशिल्प ने भी योगदान दिया।
- वस्तु आयात तेज़ी से 7.46% बढ़कर 774.98 अरब अमेरिकी डॉलर हो गए, जिससे वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 333.19 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
- सेवाओं सहित समग्र व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2024-25 के 94.66 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 119.30 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
- स्वर्ण आयात लगभग 25% बढ़ा; चाँदी आयात वर्ष में लगभग 151% बढ़ा, जिससे आयात बिल पर दबाव पड़ा।
6-अक्ष वर्गीकरण
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15 अप्रैल 2026 को वाणिज्य मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के भारत के विदेशी व्यापार प्रदर्शन के आँकड़े जारी किए। इनके संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वस्तु और सेवा निर्यात मिलाकर भारत का कुल निर्यात 860.09 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा, जिसमें अनुमानित 4.22% वृद्धि रही। 2. वित्त वर्ष 2025-26 में सेवा निर्यात की वृद्धि वस्तु निर्यात की तुलना में अधिक तेज रही। 3. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का समग्र व्यापार घाटा, अर्थात वस्तु और सेवा दोनों को मिलाकर, वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में कम हुआ। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं: कुल निर्यात 860.09 अरब अमेरिकी डॉलर रहा (4.22% वृद्धि), तथा सेवा निर्यात ने 7.94% की वृद्धि दर्ज की जबकि वस्तु निर्यात 0.93% बढ़ा। कथन 3 गलत है: समग्र व्यापार घाटा (वस्तु एवं सेवा) वित्त वर्ष 2024-25 के 94.66 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 119.30 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, क्योंकि आयात निर्यात से अधिक तेज़ी से बढ़े।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात आँकड़ा क्या रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में कुल निर्यात (वस्तु + सेवा) 860.09 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 825.26 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 4.22 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि है।
वस्तु और सेवा निर्यात का विभाजन कैसा रहा?
वस्तु निर्यात 441.78 अरब अमेरिकी डॉलर रहा (0.93% वृद्धि) और सेवा निर्यात 418.31 अरब अमेरिकी डॉलर (7.94% वृद्धि)।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के समग्र व्यापार घाटे का क्या हुआ?
समग्र व्यापार घाटा (वस्तु + सेवा) वित्त वर्ष 2024-25 के 94.66 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 119.30 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, क्योंकि आयात निर्यात से अधिक तेज़ी से बढ़े, जिसमें स्वर्ण और चाँदी ने दबाव बढ़ाया।
मार्च 2026 के निर्यात उछाल को किन उत्पादों ने आगे बढ़ाया?
पेट्रोलियम उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान सबसे आगे रहे, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, खनिज, अनाज और हस्तशिल्प का योगदान रहा।
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