जल शक्ति मंत्रालय का जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग 13 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन स्थित चाणक्य सभागार में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जल संसाधन विभागों के सबसे वरिष्ठ सचिवों का अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित करेगा।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव श्री वी. एल. कांथा राव सह-अध्यक्ष होंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य जल संसाधन क्षेत्र में केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल मजबूत करना तथा मंत्रालय के प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना है। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जल संसाधन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। मंत्रालय के संगठन, संबद्ध कार्यालय और अधीनस्थ कार्यालय भी शामिल होंगे, जिनमें केंद्रीय जल आयोग, राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण और राष्ट्रीय जल मिशन शामिल हैं।
चर्चा एजेंडा के आठ प्राथमिक बिंदुओं पर होगी — कमान क्षेत्र विकास और जल प्रबंधन आधुनिकीकरण योजना की स्थिति; जल संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए एक महीने का विशेष देशव्यापी ‘कैच द रेन’ अभियान; सिंचाई, बहुउद्देशीय और बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं के लिए संशोधित मसौदा परियोजना मूल्यांकन दिशानिर्देश; बांध जलाशयों के परिचालन वक्र और जलाशयों के बेहतर संचालन व बांध सुरक्षा के लिए उनका प्रभावी क्रियान्वयन; राज्य जल सुधार रूपरेखा की स्थिति; बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन को दिसंबर 2026 तक पूरा करना; राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सिंचाई गणनाओं की प्रगति; तथा आदर्श राज्य जल पुरस्कारों की रूपरेखा।
सम्मेलन में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने अनुभव साझा कर सकेंगे, क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतें सामने रख सकेंगे और जल क्षेत्र के सुधारों को तेज़ करने के लिए मिलकर रणनीति बना सकेंगे। यह टिकाऊ जल संसाधन प्रबंधन को आगे बढ़ाने की मंत्रालय की निरंतर कोशिश का हिस्सा है।
