नीति आयोग ने निवेश अनुकूलता सूचकांक जारी किया है। यह एक व्यवस्थित और आँकड़ा-आधारित रूपरेखा है, जो बताती है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश निवेश के अनुकूल वातावरण बनाने, उसे बढ़ावा देने और बनाए रखने में कितने प्रभावी हैं। जुलाई 2024 में नीति आयोग की नौवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में प्रधानमंत्री ने निवेश-अनुकूल चार्टर तैयार करने का दायित्व दिया था। इसके बाद केंद्रीय बजट 2025–26 में राज्यों के सुधारों को प्रोत्साहन देने तथा प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद को मजबूत करने के लिए इस सूचकांक की घोषणा हुई। इसमें सभी 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। निवेश आकर्षित करने की क्षमता को आठ स्तंभों—अवसंरचना, कारोबारी वातावरण, संसाधन, सरकारी नीति, नियामकीय सुगमता, संस्थागत वातावरण, वित्तीय सुदृढ़ता और पर्यावरणीय लचक—पर परखा गया है। इसके 84 संकेतकों में द्वितीयक आँकड़े और निवेशकों के प्राथमिक सर्वेक्षण से मिले धारणा-आधारित मानक शामिल हैं। समग्र अंकों के आधार पर चार श्रेणियाँ बनाई गई हैं: 50 से अधिक अंक वाले शीर्ष प्रदर्शनकर्ता, 45–50 अंक वाले अग्रणी राज्य, 40 या अधिक लेकिन 45 से कम अंक वाले उभरते प्रदर्शनकर्ता और 40 से कम अंक वाले आकांक्षी राज्य। गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गोवा और ओडिशा शीर्ष प्रदर्शनकर्ता बने। भौगोलिक स्थिति, आर्थिक आकार और प्रशासनिक संदर्भ के अंतर को ध्यान में रखते हुए तीन समकक्ष समूह भी बनाए गए। बड़े राज्यों में गुजरात, पर्वतीय एवं पूर्वोत्तर राज्यों में उत्तराखंड तथा नगर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गोवा प्रथम रहे। यह सूचकांक केवल क्रम तय नहीं करता; यह मजबूत पक्ष, सुधार की जरूरत वाले क्षेत्र और लक्षित नीतिगत प्राथमिकताएँ भी सामने लाता है तथा राज्यों के बीच सीखने को बढ़ावा देता है।