प्रकाशित: 18 सितंबर 2025समाचार स्रोतटॉपिक
भारत ने अग्नि-प्राइम मिसाइल परीक्षण से रेल से प्रक्षेपण की क्षमता का प्रदर्शन किया
अग्नि-प्राइम का रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से परीक्षण भारत की मिसाइल क्षमता और रणनीतिक प्रतिरोध, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। DRDO ने रणनीतिक बल कमान के साथ 24 सितंबर 2025 को अग्नि-प्राइम मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया। यह परीक्षण पूरे ऑपरेशनल परिदृश्य में किया गया और मिसाइल को विशेष रूप से बनाए गए रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से छोड़ा गया। अग्नि-प्राइम दो-चरणीय, ठोस ईंधन वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 1,000-2,000 किमी तक बताई गई है। इस उपलब्धि के बाद भारत रूस और चीन के साथ उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास रेल-आधारित बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण क्षमता है।
परीक्षा की दृष्टि से इसका महत्व केवल मिसाइल के नाम या रेंज तक सीमित नहीं है। रेल-आधारित लॉन्चर मिसाइल को रेल नेटवर्क पर बिना किसी पूर्व-शर्त के ले जाने की सुविधा देता है। इससे गतिशीलता, फैलाव और छिपाव बढ़ते हैं, जिससे विरोधी के लिए मिसाइल परिसंपत्तियों का पता लगाना और उन्हें पहले हमले में निशाना बनाना कठिन हो जाता है। यह भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की उत्तरजीविता और विश्वसनीय जवाबी प्रहार की क्षमता को मजबूत करता है। लॉन्चर कम प्रतिक्रिया समय में प्रक्षेपण कर सकता है, कम दृश्यता में काम कर सकता है और स्वतंत्र प्रक्षेपण क्षमता के लिए संचार तथा सुरक्षा प्रणालियों से लैस है।
स्टैटिक जीके में इसे भारत के मिसाइल कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइलों के वर्गीकरण, ठोस ईंधन तकनीक, परमाणु सिद्धांत और रणनीतिक बल कमान की भूमिका के साथ पढ़ना चाहिए। RAS और UPSC प्रारंभिक परीक्षा में रेंज, ईंधन, लॉन्च प्लेटफ़ॉर्म और संबद्ध संस्थान पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में यह प्रश्न रक्षा आधुनिकीकरण, प्रतिरोध की विश्वसनीयता और भारत की सुरक्षा नीति के संदर्भ में जोड़ा जा सकता है।
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सितंबर 2025 में रणनीतिक बल कमान के साथ मिलकर किस संगठन ने अग्नि-प्राइम बैलिस्टिक मिसाइल का रेल पर आधारित मोबाइल लॉन्चर से सफल परीक्षण किया?
व्याख्या · सही उत्तर DDRDO ने रणनीतिक बल कमान (SFC) के साथ मिलकर अग्नि-प्राइम बैलिस्टिक मिसाइल का रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से सफल परीक्षण किया, जिससे भारत इस क्षमता रखने वाले देशों के चुनिंदा समूह में शामिल हो गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अग्नि-प्राइम क्या है?
अग्नि-प्राइम DRDO से जुड़ी दो-चरणीय, ठोस ईंधन वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता 1,000-2,000 किमी तक बताई गई है और 24 सितंबर 2025 को इसका रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से सफल प्रक्षेपण किया गया।
रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर से प्रक्षेपण क्यों महत्वपूर्ण है?
रेल-आधारित लॉन्चर मिसाइल प्रणाली को रेल नेटवर्क पर स्थान बदलने की सुविधा देता है। इससे गतिशीलता, फैलाव और छिपाव बढ़ते हैं, इसलिए विरोधी के लिए मिसाइल परिसंपत्तियों का पता लगाना और उन्हें निशाना बनाना कठिन होता है।
इस परीक्षण से भारत की रणनीतिक क्षमता में क्या बदलाव दिखता है?
इस परीक्षण के बाद भारत रूस और चीन के साथ रेल-आधारित बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण क्षमता रखने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हुआ। यह भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की उत्तरजीविता और विश्वसनीय जवाबी प्रहार की क्षमता को मजबूत करता है।
परीक्षा की दृष्टि से किन बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए?
मुख्य बिंदु हैं: DRDO और रणनीतिक बल कमान की भूमिका, अग्नि-प्राइम की 1,000-2,000 किमी रेंज, दो-चरणीय ठोस ईंधन संरचना, रेल-आधारित लॉन्चर और रक्षा आधुनिकीकरण से इसका संबंध।