प्रकाशित: 1 मार्च 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग 380 जिलों तक बढ़ाई गई; 2 मार्च 2026 से लागू छठे चरण में ब्यावर (राजस्थान) शामिल
2 मार्च 2026 से भारत सरकार ने सोने की हॉलमार्किंग और सोने की कलाकृतियों (संशोधन) आदेश, 2026 के तहत अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग के छठे चरण की अधिसूचना जारी की। इस चरण में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की हॉलमार्किंग व्यवस्था में सात नए जिले शामिल किए गए। ये सात जिले हैं: रूपनगर (पंजाब), बांदा (उत्तर प्रदेश), बीड (महाराष्ट्र), गोमती (त्रिपुरा), कटिहार (बिहार), ब्यावर (राजस्थान) और नीमच (मध्य प्रदेश)। इससे अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग के अंतर्गत कुल जिलों की संख्या 380 हो गई।
अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग पहली बार जून 2021 में चरणबद्ध तरीके से लागू की गई थी। चरण चार (नवंबर 2024) में कुल 361 और चरण पांच (जुलाई 2025) में कुल 373 जिले शामिल हुए। हॉलमार्क में BIS लोगो, शुद्धता और फाइननेस के साथ ट्रेसेबल हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) संख्या अनिवार्य है।
राजस्थान के लिए ब्यावर — राज्य के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों में से एक — का शामिल होना महत्वपूर्ण है। जयपुर का रत्न एवं आभूषण क्षेत्र, जो एक प्रमुख निर्यात केंद्र है, BIS हॉलमार्किंग से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अधिक विश्वसनीयता हासिल करता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के अनिवार्य स्वर्ण हॉलमार्किंग व्यवस्था के उद्देश्यों एवं क्रमिक विस्तार की परीक्षा कीजिए तथा उपभोक्ता संरक्षण एवं राजस्थान के आभूषण-अर्थतंत्र पर इसके प्रभाव का आकलन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
जून 2021 में शुरू हुई अनिवार्य हॉलमार्किंग अब 380 जिलों तक पहुंची, जब छठे चरण में 2 मार्च 2026 से रूपनगर, बांदा, बीड, गोमती, कटिहार, ब्यावर एवं नीमच जोड़े गए। बीआईएस आभूषण में लोगो, शुद्धता एवं एचयूआईडी अंकित होता है। ब्यावर का समावेश राजस्थान के आभूषण कारोबार को सुदृढ़ करता है, उपभोक्ता भरोसा, शुद्धता और निर्यात साख बढ़ाता है।
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राजस्थान के ब्यावर सहित कुल 380 जिलों तक अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग का छठा चरण किस तारीख से लागू हुआ?
व्याख्या · सही उत्तर Aभारत सरकार ने छठे चरण में सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग में 7 नए जिले जोड़े, जिनमें राजस्थान का ब्यावर भी शामिल था। PIB के अनुसार यह चरण 2 मार्च 2026 से लागू हुआ और कुल कवरेज 380 जिलों तक पहुंच गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग का छठा चरण क्या है और 2 मार्च 2026 से कौन-से जिले जोड़े गए?
2 मार्च 2026 से अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग का छठा चरण लागू हुआ, जिसमें BIS नियमन के तहत देशभर के 7 नए जिले शामिल किए गए। राजस्थान का ब्यावर भी इनमें शामिल था, जिससे देश में ऐसे जिलों की कुल संख्या 380 हो गई।
HUID क्या है और सोने की हॉलमार्किंग में इसका क्या उद्देश्य है?
HUID (हॉलमार्किंग यूनिक ID) भारत में प्रत्येक हॉलमार्कयुक्त सोने के आभूषण को दिया जाने वाला 6-अंकीय अल्फान्यूमेरिक कोड है। इससे सोने के आभूषण का पूरा पता लगाया जा सकता है — उपभोक्ता BIS केयर ऐप पर HUID डालकर किसी भी हॉलमार्कयुक्त वस्तु की शुद्धता और उत्पत्ति की जाँच कर सकते हैं।
भारत में अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग पहली बार कब शुरू हुई और इसका दायरा कैसे बढ़ा?
अनिवार्य सोने की हॉलमार्किंग जून 2021 में 256 जिलों से शुरू हुई। तब से यह चरणबद्ध तरीके से बढ़ती रही और मार्च 2026 में छठे चरण तक 380 जिलों तक पहुँच गई, ताकि देशभर के उपभोक्ताओं को संरक्षण मिल सके।
भारत में सोने की हॉलमार्किंग कौन-सा नियामक निकाय नियंत्रित करता है और यह किस कानून के तहत काम करता है?
BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) BIS अधिनियम 2016 के तहत भारत में सोने की हॉलमार्किंग को विनियमित करता है। BIS उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत एक सांविधिक निकाय है जो विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानक निर्धारित करता है।
सोने की हॉलमार्किंग विस्तार के संदर्भ में राजस्थान का बयावर क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित बयावर राज्य का एक प्रमुख सोने-चांदी व्यापार केंद्र है। छठे चरण में इसे अनिवार्य हॉलमार्किंग में शामिल करने से यह सुनिश्चित होता है कि व्यापार की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस आभूषण बाजार के उपभोक्ताओं को मिलावटी या गलत प्रमाणित सोने से सुरक्षा मिले।