पंजाब नेशनल बैंक ने राइजिंग राजस्थान निवेश पहल के तहत राजस्थान सरकार के साथ ₹21,000 करोड़ के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। ₹21,000 करोड़ की यह प्रतिबद्धता राजस्थान में निवेश प्रोत्साहन, बैंकिंग पहुंच और वित्तीय समावेशन को जोड़ती है, इसलिए RAS, RPSC और UPSC की तैयारी में इसे राज्य अर्थव्यवस्था के उदाहरण के रूप में पढ़ना उपयोगी है।

जयपुर दौरे के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्र ने महिला उद्यमियों को 2,000 ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए। इससे स्पष्ट है कि पहल का केंद्र केवल निवेश घोषणा नहीं है, बल्कि उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों और एमएसएमई को औपचारिक ऋण से जोड़ना भी है। बैंकिंग क्षेत्र के ज़रिए ऐसे समझौते राज्य में पूंजी प्रवाह, रोज़गार और स्थानीय उद्यमों के विकास को समर्थन दे सकते हैं।

परीक्षा की दृष्टि से इस पहल में तीन मुख्य विषय पढ़ने चाहिए: वित्तीय समावेशन, डिजिटल सेवाओं को अपनाना और ग्रामीण ऋण विस्तार। वित्तीय समावेशन का अर्थ है कि ग्रामीण और वंचित समूहों तक बैंकिंग सेवाएं, ऋण और औपचारिक वित्तीय सुविधाएं पहुंचें। डिजिटल सेवाओं को अपनाने से बैंकिंग पहुंच और सेवा-प्रदान आसान हो सकता है, जबकि ग्रामीण ऋण विस्तार छोटे उद्यमों, महिलाओं और स्थानीय कारोबारों को पूंजी उपलब्ध कराने से जुड़ा है।

स्टैटिक जीके से इसका संबंध सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, एमएसएमई, स्वयं सहायता समूह, महिला सशक्तिकरण और राज्य निवेश पहल जैसे विषयों से बनता है। मुख्य परीक्षा में इसे राजस्थान में समावेशी विकास, बैंकिंग के विकासात्मक इस्तेमाल और राज्य सरकार-आधारित निवेश प्रयासों के उदाहरण के रूप में लिखा जा सकता है। प्रारंभिक परीक्षा में राशि, संबंधित बैंक, राज्य सरकार, राइजिंग राजस्थान निवेश पहल, जयपुर दौरा और 2,000 ऋण स्वीकृति पत्र जैसे तथ्य सीधे पूछे जा सकते हैं।