राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि राज्य की 11 लाख से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण महिलाएँ अगले तीन वर्षों में राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लखपति दीदी का दर्जा प्राप्त करेंगी तथा उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को अपनी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताया। राज्य की 17.5 लाख महिलाएँ केंद्र एवं राज्य योजनाओं के अभिसरण के तहत पहले से ही 1 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा पार कर चुकी हैं। राजस्थान बजट 2026-27 में लखपति दीदी ऋण सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये करने की प्रमुख वृद्धि की घोषणा की गई तथा महिला उद्यमियों का समर्थन करने के लिए ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दी गई। मिशन से जुड़ी महिलाएँ विशिष्ट भूमिकाएँ निभा रही हैं जैसे कृषि सखी जो कृषि में अंतिम मील विस्तार सेवाएँ प्रदान करती हैं, पशु सखी जो पशुपालन सहायता प्रदान करती हैं, एवं बैंक सखी जो स्व-सहायता समूहों के लिए बैंकिंग संवाददाता के रूप में कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना ऋण सीमा महिला स्व-सहायता समूह संघों के लिए बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है। राज्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अभिसरण ढाँचे के तहत सभी 40 जिलों में 11.24 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें PMFME योजना, मुद्रा योजना, NABARD वित्तपोषण एवं खादी ग्राम उद्योग के साथ कौशल जुड़ाव है। यह घोषणा ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत केंद्रीय लखपति दीदी पहल के अनुरूप है जिसका लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर 3 करोड़ लखपति दीदियाँ सक्षम करना है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अगले तीन वर्षों में 11 लाख से अधिक अतिरिक्त महिलाएँ लखपति दीदी बनेंगी, ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये एवं ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत की गई है तथा राजस्थान की 17.5 लाख महिलाएँ पहले से ही कृषि सखी, पशु सखी एवं बैंक सखी के रूप में सालाना 1 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि तीन वर्षों में राजस्थान की 11 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बनेंगी; ऋण सीमा 1.5 लाख रुपये एवं ब्याज दर 1.5 प्रतिशत की गई, 17.5 लाख महिलाएँ पहले से ही कृषि, पशु एवं बैंक सखी के रूप में 1 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा पार कर चुकी हैं।
मुख्य तथ्य
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अगले 3 वर्षों में 11 लाख से अधिक राजस्थान महिलाओं के लखपति दीदी बनने की घोषणा की
- राजस्थान की 17.5 लाख महिलाएँ पहले से ही 1 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा पार कर चुकी हैं
- राजस्थान बजट 2026-27 के तहत लखपति दीदी ऋण सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये
- राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला उद्यमियों के लिए ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत
- विशिष्ट भूमिकाएँ: कृषि सखी (कृषि विस्तार), पशु सखी (पशुपालन), बैंक सखी (SHG के लिए बैंकिंग संवाददाता)
- ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत केंद्रीय लखपति दीदी पहल का लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर 3 करोड़ लखपति दीदियाँ
6-अक्ष वर्गीकरण
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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा लखपति दीदी पहल की घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान में 2026-27 के बजट में लखपति दीदी ऋण सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई है। 2. राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से अगले तीन वर्षों में 11 लाख से अधिक अतिरिक्त राजस्थान महिलाओं को लखपति दीदी का दर्जा दिया जाएगा। ऊपर दिए गए कथनों में से कौनसा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। कथन 1: राजस्थान बजट 2026-27 में लखपति दीदी ऋण सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई तथा ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दी गई। कथन 2: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि राज्य की 11 लाख से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण महिलाएँ अगले तीन वर्षों में राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से लखपति दीदी का दर्जा प्राप्त करेंगी, इसके अतिरिक्त 17.5 लाख महिलाएँ पहले से ही उस स्तर पर हैं। अतः 1 और 2 दोनों सही हैं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लखपति दीदी पहल क्या है?
यह ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत एक प्रमुख महिला सशक्तीकरण पहल है जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह महिलाओं को कौशल एवं उद्यम के माध्यम से कम से कम 1 लाख रुपये की स्थायी वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है।
राजस्थान में लखपति दीदी ऋण सीमा कितनी बढ़ाई गई है?
राजस्थान बजट 2026-27 में ऋण सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी गई है तथा ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दी गई है।
राजस्थान की कितनी महिलाएँ पहले से ही लखपति दीदी आय सीमा पार कर चुकी हैं?
राजस्थान की लगभग 17.5 लाख महिलाएँ विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य अभिसरण योजनाओं के तहत 1 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा पार कर चुकी हैं।
कृषि सखी, पशु सखी एवं बैंक सखी कौन हैं?
ये राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत क्रमशः कृषि विस्तार, पशुपालन एवं बैंकिंग संवाददाता सेवाओं के लिए बनाई गई विशिष्ट महिला सामुदायिक संसाधन व्यक्ति भूमिकाएँ हैं।
केंद्रीय लखपति दीदी पहल का राष्ट्रीय लक्ष्य क्या है?
ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत केंद्रीय लखपति दीदी पहल का लक्ष्य भारत भर में 3 करोड़ लखपति दीदियाँ बनाना है।
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