राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बामनवास कांकर पंचायत राज्य तथा उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूर्ण जैविक प्रमाणित पंचायत बन गई है। सात बस्तियों वाली इस पंचायत ने 2 जनवरी 2026 को सामूहिक रूप से 100% जैविक खेती और पर्यावरण-अनुकूल पशुपालन अपनाने की शपथ ली, जिसमें रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और कृत्रिम कृषि सामग्री पूरी तरह समाप्त की गई। मिट्टी की घटती उर्वरता, भूजल स्तर में गिरावट, बढ़ती लागत और रासायनिक खेती से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यह बदलाव हुआ। COFED ने किसानों को तकनीकी सहायता, जैविक प्रमाणन और बाजार तक पहुंच प्रदान की है।
बामनवास कांकर बनी राजस्थान की पहली पूर्ण जैविक प्रमाणित पंचायत
कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बामनवास कांकर पंचायत राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूरी तरह जैविक प्रमाणित पंचायत बनी, जिसने COFED के सहयोग से 100% रसायन-मुक्त खेती की शपथ ली।
मुख्य तथ्य
- बामनवास कांकर राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूर्ण जैविक-प्रमाणित पंचायत बनी।
- पंचायत ने COFED (सहकारी संघ) के सहयोग से 100% रसायन-मुक्त खेती की शपथ ली।
- प्रमाणन पंचायत के क्षेत्राधिकार में आने वाली सभी कृषि और पशुधन प्रथाओं को शामिल करता है।
- यह मॉडल राजस्थान की शुष्क पारिस्थितिक स्थितियों में टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देता है।
- इस उपलब्धि से भारत के रासायनिक-मुक्त प्राकृतिक कृषि अभियान को बढ़ावा मिलता है।
- यह जमीनी स्तर पर पंचायतों में जैविक खेती की व्यवहार्यता दिखाता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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बामनवास कांकर पंचायत के किसानों को तकनीकी सहायता, जैविक प्रमाणन तथा बाज़ार पहुँच किस संगठन ने उपलब्ध करवाई?
बामनवास कांकर में जैविक खेती की ओर बदलाव में कोफेड की भूमिका बताई गई है। उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार कोफेड ने किसानों को प्रशिक्षण, जैविक पद्धतियों की समझ और बाजार से जुड़ाव में मदद दी। इसलिए सही उत्तर कोफेड है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान की पहली पूरी तरह जैविक प्रमाणित पंचायत कौन-सी बनी?
कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बामनवास कांकर पंचायत राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूरी तरह जैविक प्रमाणित पंचायत बनी।
बामनवास कांकर पंचायत ने खेती के बारे में क्या प्रतिबद्धता जताई?
पंचायत ने COFED (सहकारी संघ) के सहयोग से 100% रसायन-मुक्त खेती का संकल्प लिया, जिसमें पंचायत क्षेत्र की खेती और पशुपालन से जुड़ी सभी गतिविधियां शामिल हैं।
COFED क्या है और बामनवास कांकर के जैविक प्रमाणन में इसकी क्या भूमिका रही?
COFED एक सहकारी संघ है, जिसने बामनवास कांकर पंचायत को पूर्ण जैविक प्रमाणन प्राप्त करने और 100% रसायन-मुक्त खेती की ओर बढ़ने में मदद की।
बामनवास कांकर का जैविक प्रमाणन राजस्थान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दिखाता है कि राजस्थान की सूखी जलवायु में भी जैविक खेती मुमकिन है, और यह ज़मीनी पंचायत स्तर पर भारत के रसायन-मुक्त प्राकृतिक कृषि अभियान को मज़बूती देता है।
बामनवास कांकर पंचायत किस जिले में स्थित है?
बामनवास कांकर पंचायत राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में स्थित है।
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