राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बामनवास कांकर पंचायत राज्य तथा उत्तर-पश्चिम भारत की पहली पूर्ण जैविक प्रमाणित पंचायत बन गई है। सात बस्तियों वाली इस पंचायत ने 2 जनवरी 2026 को सामूहिक रूप से 100% जैविक खेती और पर्यावरण-अनुकूल पशुपालन अपनाने की शपथ ली, जिसमें रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और कृत्रिम कृषि सामग्री पूरी तरह समाप्त की गई। मिट्टी की घटती उर्वरता, भूजल स्तर में गिरावट, बढ़ती लागत और रासायनिक खेती से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यह बदलाव हुआ। COFED ने किसानों को तकनीकी सहायता, जैविक प्रमाणन और बाजार तक पहुंच प्रदान की है।