प्रकाशित: 18 मार्च 2026समाचार स्रोतराजस्थान
राजस्थान कृषि विभाग ने IORA इकोलोजिकल सोल्यूशन के साथ कार्बन क्रेडिट MoU पर हस्ताक्षर किए; तीन ब्लॉकों के किसान कार्बन वित्त से कमाई करेंगे
मार्च 2026 में राजस्थान कृषि विभाग ने राज्य में कृषि भूमि प्रबंधन कार्बन परियोजना लागू करने के लिए IORA इकोलोजिकल सोल्यूशन के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए। राजस्थान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इसकी घोषणा की। पायलट परियोजना तीन ब्लॉकों — बानसूर (अलवर जिला), महुआ (दौसा जिला) और मालपुरा (टोंक जिला) — के किसानों पर केंद्रित है। इन किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने में मदद मिलेगी, जिनसे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम होता है और कार्बन अवशोषित होता है; इससे व्यापार योग्य कार्बन क्रेडिट उत्पन्न होंगे।
इस व्यवस्था के तहत पंजीकृत किसानों को स्वैच्छिक और अनुपालन कार्बन बाजारों में खरीदारों से कार्बन भुगतान मिलेगा, जो पारंपरिक कृषि आय के अलावा आय का अतिरिक्त स्रोत बनेगा। यह पहल केंद्रीय बजट 2026-27 के ₹20,000 करोड़ CCUS सहायता कार्यक्रम के अनुरूप है। IORA किसान-उत्पादक संगठनों (FPO) के ज़रिए तकनीकी सहायता, MRV सेवाएं और क्रेडिट एकत्रीकरण प्रदान करेगी।
राजस्थान के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है, जहां शुष्क और अर्ध-शुष्क मिट्टी को गहन खेती और वनों की कटाई से लंबे समय से नुकसान पहुंचा है। जीरो टिल खेती, कृषि वानिकी, मल्चिंग, कवर क्रॉपिंग और ड्रिप सिंचाई जैसी पद्धतियां कार्बन क्रेडिट के लिए पात्र हैं।
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राजस्थान में IORA Ecological Solutions के साथ कार्बन क्रेडिट समझौते के तहत पायलट शुरू में कितने जिलों के चयनित ब्लॉकों में लागू होना था?
व्याख्या · सही उत्तर Bराजस्थान कृषि विभाग और IORA Ecological Solutions के कार्बन क्रेडिट पायलट को शुरू में तीन जिलों के चयनित ब्लॉकों में लागू करने की योजना थी: कोटपूतली-बहरोड़ जिले का बानसूर ब्लॉक, दौसा जिले का महुवा ब्लॉक और टोंक जिले का मालपुरा ब्लॉक। इसका उद्देश्य पौधरोपण, माइक्रो-इरिगेशन, फार्म पॉन्ड, सोलर पंप और बेहतर भूमि-प्रबंधन जैसी गतिविधियों के जरिए किसानों को कार्बन फाइनेंस से जोड़ना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान में कार्बन क्रेडिट पायलट परियोजना के लिए कौन-से तीन ब्लॉक चुने गए?
कार्बन क्रेडिट MoU के तहत पायलट परियोजना राजस्थान के बानसूर (अलवर), महुआ (दौसा) और मालपुरा (टोंक) ब्लॉकों में शुरू की गई। इन ब्लॉकों में किसान टिकाऊ खेती अपनाकर कार्बन बाजार से आय अर्जित करेंगे।
राजस्थान कृषि विभाग और IORA के बीच MoU का क्या महत्व है?
यह राजस्थान के किसानों के लिए पहला कार्बन क्रेडिट समझौता है, जो उन्हें न्यूनतम जुताई और कृषि वानिकी जैसी टिकाऊ पद्धतियाँ अपनाकर अतिरिक्त आय दिलाएगा। यह राज्य में कृषि और कार्बन वित्त को जोड़ने वाला एक अग्रणी कदम है।
केंद्रीय बजट 2026 का राजस्थान की कार्बन क्रेडिट पहल से क्या संबंध है?
केंद्रीय बजट 2026 में ₹20,000 करोड़ के CCUS (कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण) कार्यक्रम की घोषणा हुई, जिसका उद्देश्य भारत में कार्बन बाजारों को मुख्यधारा में लाना है। राजस्थान का IORA के साथ MoU इसी राष्ट्रीय ढांचे के अनुरूप है।
IORA इकोलोजिकल सोल्यूशन इस परियोजना में क्या भूमिका निभाएगा?
IORA इकोलोजिकल सोल्यूशन प्रकृति-आधारित कार्बन परियोजनाओं का विशेषज्ञ है और इस परियोजना में MRV (निगरानी, रिपोर्टिंग, सत्यापन) से जुड़ी सहायता देगा। इससे किसानों द्वारा अर्जित कार्बन क्रेडिट बाजार के मानकों के अनुरूप रहेंगे।
राजस्थान के किसान कार्बन क्रेडिट अर्जित करने के लिए कौन-सी कृषि पद्धतियाँ अपना सकते हैं?
न्यूनतम जुताई, कृषि वानिकी, कवर क्रॉपिंग और मृदा कार्बन बढ़ाने जैसी टिकाऊ पद्धतियाँ अपनाने वाले किसान कार्बन क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं। इन क्रेडिट को स्वैच्छिक या अनुपालन कार्बन बाजार में बेचकर खेती से अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है।