मार्च 2026 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में जल संचय जन भागीदारी (JSJB) अभियान 2.0 के क्रियान्वयन की उच्च-स्तरीय समीक्षा संयुक्त रूप से की। समीक्षा में राजस्थान की उत्कृष्ट प्रगति सामने आई — वर्तमान चरण में 88,000 से अधिक पूर्ण कार्य और 42,000 से अधिक चल रहे प्रोजेक्ट — जिससे यह राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।

जल संचय जन भागीदारी, जल शक्ति अभियान: कैच द रेन के तहत जन-भागीदारी पर आधारित पहल है। इसका उद्देश्य कृत्रिम भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण, पारंपरिक जल निकायों की बहाली और छतों पर वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना है।

राजस्थान के लिए इस अभियान का महत्व अत्यंत अधिक है: पश्चिमी राजस्थान में औसत वर्षा लगभग 313 मिमी और पूर्वी राजस्थान में लगभग 675 मिमी है और 60% से अधिक जिले जल-संकटग्रस्त हैं। राज्य की पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियां — बावड़ियां, जोहड़ और टंके — JSJB मॉडल की सांस्कृतिक नींव हैं। जयपुर, नागौर और पाली जिलों में भूजल प्रबंधन के लिए अटल भुजल योजना के तहत भी फंड मिला है।