वित्त मंत्री दिया कुमारी ने 11 फरवरी 2026 को राजस्थान बजट 2026-27 पेश किया। बजट में जल सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढाँचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में यह बजट 41.39% बड़ा है और सरकार की बड़े पैमाने पर खर्च की योजना को दर्शाता है।

जल आपूर्ति के लिए सरकार ने हर घर तक नल का पानी पहुँचाने वाले हर घर नल कार्यक्रम को 6,800 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस राशि से 6,245 नए गाँवों तक पेयजल कनेक्शन पहुँचाए जाएंगे और पूरे राज्य में 3 लाख नए घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 600 नए नलकूप और 1,200 नए हैंडपंप भी लगाए जाएंगे। यह योजना केंद्र सरकार के प्रमुख शहरी जल कार्यक्रम अमृत 2.0 के अनुरूप है। राज्य में जल संसाधनों की दीर्घकालिक योजना बनाने और उनका समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए नई राजस्थान राज्य जल नीति की घोषणा भी की गई है।

ऊर्जा क्षेत्र में बीकानेर और जैसलमेर जिलों में बड़े सौर पार्क स्थापित करने के लिए 3,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पश्चिमी राजस्थान के ये दोनों जिले भारत में सर्वाधिक सौर विकिरण वाले क्षेत्रों में शामिल हैं, इसलिए वे बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं। यह निवेश राजस्थान को उत्तर भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनाने के लक्ष्य का हिस्सा है।

बुनियादी ढाँचे के लिए पूरे राज्य में सड़कों और पुलों के निर्माण पर 1,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जोखिमभरे समपार फाटकों को समाप्त करने और शहरी व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में यातायात की भीड़ कम करने के लिए 15 नए रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।

बजट के आकार से खर्च बढ़ाने की नीति दिखती है। कल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढाँचे और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव के लिए अलग-अलग मदों में धन रखा गया है।