11 मई 2026 को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की केंद्र प्रायोजित लखपति दीदी योजना के तहत राज्य में लगभग 17.5 लाख महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। इस योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की वार्षिक आय कम से कम 1 लाख रुपये तक बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। राजस्थान ने महिला उद्यमियों के लिए ऋण की पहुँच बढ़ाने के लिए योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी है और ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दी है। राज्य ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा राज्य की ग्रामीण आजीविका मिशन राजीविका से जोड़ा है, ताकि दुग्ध, हस्तशिल्प, कृषि-प्रसंस्करण, लाख, मेहंदी और वस्त्र क्षेत्र में गतिविधियों का विस्तार किया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि घूमता हुआ कोष, सामुदायिक निवेश कोष तथा बैंक लिंकेज से महिलाओं को कृषि मजदूरी से आगे आय के विविध स्रोत विकसित करने में सहायता मिली है। राजस्थान की घोषणा मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियों के वर्तमान राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है। अधिकारियों ने बताया कि सूक्ष्म उद्यमों को सहारा देने के लिए पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा तथा पीएमएफएमई के साथ अभिसरण किया जा रहा है। राज्य सभी जिलों में राजीविका क्लस्टरों के ज़रिए प्रशिक्षण, बाज़ार लिंकेज और डिजिटल साक्षरता मॉड्यूल को भी मज़बूत करेगा, ताकि एक लाख रुपये की सीमा से ऊपर आय बनी रहे।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 11 मई 2026 को कहा कि 17.5 लाख महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं; राज्य ने ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये और ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दी
11 मई 2026 को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य में चल रही योजना के तहत 17.5 लाख महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं; राज्य ने ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये तथा ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दी है, और इसे राजीविका, DAY-NRLM, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा से जोड़ा गया है।
मुख्य तथ्य
- 11 मई 2026 तक राजस्थान में योजना के तहत 17.5 लाख महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं
- राज्य स्तर पर क्रियान्वयन के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी गई है
- महिला उद्यमियों के लिए ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत की गई है
- क्रियान्वयन राजीविका तथा DAY-NRLM से हो रहा है
- योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक आय कम से कम 1 लाख रुपये तक बढ़ाना है
- राज्य की घोषणा मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियों के मौजूदा राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है
6-अक्ष वर्गीकरण
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2026 में राजस्थान में लागू लखपति दीदी योजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. योजना स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की वार्षिक आय कम से कम 1 लाख रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखती है। 2. राजस्थान ने इस योजना में ऋण सीमा 1.5 लाख रुपये कर दी है और ब्याज दर 1.5 प्रतिशत तक घटाई है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
दोनों कथन सही हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय की लखपति दीदी योजना स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए कम से कम 1 लाख रुपये की वार्षिक आय का लक्ष्य रखती है। राजस्थान में 2026 में योजना के तहत ऋण सीमा 1.5 लाख रुपये तथा ब्याज दर 1.5 प्रतिशत निर्धारित की गई। राज्य में लगभग 17.5 लाख महिलाएँ पहले ही आय सीमा पार कर चुकी हैं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लखपति दीदी योजना का उद्देश्य क्या है?
ग्रामीण विकास मंत्रालय की इस योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की वार्षिक आय को कौशल, ऋण और आजीविका गतिविधियों से कम से कम 1 लाख रुपये तक बढ़ाना है।
11 मई 2026 तक राजस्थान में कितनी महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं?
राज्य में लगभग 17.5 लाख महिलाएँ इस योजना के तहत 1 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा पार कर चुकी हैं।
राजस्थान ने ऋण शर्तों में कौन से परिवर्तन किए हैं?
योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये की गई है और महिला उद्यमियों के लिए ब्याज दर घटाकर 1.5 प्रतिशत की गई है।
राजस्थान में इस योजना का क्रियान्वयन कौन सा राज्य मिशन करता है?
DAY-NRLM के अंतर्गत आने वाला राजस्थान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, राजीविका, इस योजना को जिलों में स्वयं सहायता समूह संघों के ज़रिए लागू करता है।
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