केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गुरुवार, 18 जून 2026 को घोषणा की कि सरकार ने पंजाब में लंबे समय से लंबित कादियां-ब्यास रेल लाइन परियोजना का पुनरुद्धार किया है। इसे लगभग 100 वर्ष पहले प्रस्तावित किया गया था। 39.68 किलोमीटर लंबी यह ब्रॉड-गेज लाइन गुरदासपुर जिले के कादियां को अमृतसर जिले के ब्यास से जोड़ेगी और इसकी अनुमानित लागत लगभग 1,400 करोड़ रुपये है। उत्तर रेलवे इस परियोजना को पूरा करेगा। इसका मार्ग कादियां, धपाई, घुमान, बुटाला, सठियाला और ब्यास से होकर गुजरेगा, जिससे पंजाब के माझा क्षेत्र के कई इलाके रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इस लाइन में घुमान और बुटाला में दो क्रॉसिंग स्टेशन, 11 बड़े पुल, 121 छोटे पुल और 54 रोड अंडर ब्रिज होंगे। इसे आधुनिक सिग्नलिंग और दूरसंचार प्रणालियों से लैस किया जाएगा। सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्वदेश में विकसित कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली भी लगाई जाएगी। इस परियोजना की शुरुआत ब्रिटिश काल में हुई थी। तत्कालीन नॉर्थ-वेस्टर्न रेलवे ने इसे पहली बार 1928-29 में मंज़ूरी दी थी और 1930 के दशक की शुरुआत तक निर्माण काफी आगे बढ़ गया था, लेकिन बाद में काम रोक दिया गया। इसके बाद इसे सामाजिक दृष्टि से वांछनीय रेल संपर्क कार्यक्रम के तहत फिर शुरू किया गया और अनुपूरक रेल बजट 2010-11 में शामिल किया गया। लाइन पूरी होने पर प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। इससे किसानों की बाज़ार तक पहुंच सुधरेगी, व्यापार और लघु उद्योग बढ़ेंगे तथा पूरे माझा क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।