PRS विधायी अनुसंधान ने दिसंबर 2025 की मासिक नीति समीक्षा प्रकाशित की, जिसमें दिसंबर 2025 के अंत में संपन्न हुए भारत के शीतकालीन संसद सत्र का व्यापक विश्लेषण दिया गया है।

शीतकालीन सत्र 2025 में कुल 8 विधेयक पारित हुए, जो ऐतिहासिक मानकों की दृष्टि से अपेक्षाकृत सीमित विधायी कामकाज है। पारित प्रमुख कानून:

1. SHANTI अधिनियम (सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय शांति पहल): साम्प्रदायिक सद्भाव, घृणास्पद भाषण और धार्मिक भेदभाव को संबोधित करने वाला नया कानून, जिसमें त्वरित न्यायाधिकरणों के प्रावधान हैं।

2. VB-G RAM G अधिनियम: मनरेगा की जगह बेहतर ग्रामीण रोजगार गारंटी (125 कार्यदिवस, 60:40 वित्त पोषण, USVV एकीकरण)।

3. बीमा संशोधन विधेयक: बीमा में 100% FDI की अनुमति, पॉलिसी सुलभता बढ़ाने और IRDAI के नियामक ढाँचे को मजबूत करने के लिए बीमा विनियमनों में संशोधन।

4. स्वास्थ्य सुरक्षा उपकर: प्रधानमंत्री सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज योजना के वित्त पोषण के लिए चुनी हुई वस्तुओं पर अलग से लगाया गया उपकर।

PRS ने एक चिंताजनक प्रवृत्ति पर ध्यान दिलाया — शीतकालीन सत्र में पारित आठों विधेयकों में से किसी को भी पारित होने से पहले स्थायी समिति या चयन समिति को विस्तृत जाँच के लिए नहीं भेजा गया। PRS ने यह भी रेखांकित किया कि सत्र में वास्तविक कामकाज के घंटे ऐतिहासिक औसत से कम रहे।