केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पंजाब के मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL) में सेमीकंडक्टर प्रोसेस गैलरी और PARANGAT सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण लैब का उद्घाटन किया — 1984 में ISRO/अंतरिक्ष विभाग के तहत स्थापित भारत की पहली और एकमात्र सरकारी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा। सरकार ने SCL के आधुनिकीकरण के लिए तीन वर्षों में ₹4,500 करोड़ की घोषणा की। उद्घाटन में भारतीय संस्थानों और स्टार्टअप द्वारा डिज़ाइन की गई 28 चिप्स सौंपे गए। SCL सरकारी संस्था बनी रहेगी। PARANGAT लैब छात्रों को सेमीकंडक्टर प्रक्रिया की व्यावहारिक शिक्षा देती है। ये पहलें ₹76,000 करोड़ के सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम (2022) के तहत भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) का हिस्सा हैं।
SCL मोहाली में PARANGAT सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण लैब का उद्घाटन; भारत की पहली चिप सुविधा के आधुनिकीकरण के लिए ₹4,500 करोड़
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पंजाब के मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL) में सेमीकंडक्टर प्रोसेस गैलरी और PARANGAT सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण लैब का उद्घाटन किया — 1984 में ISRO और अंतरिक्ष विभाग के तहत स्थापित भारत की पहली और एकमात्र सरकारी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा। सरकार ने SCL के आधुनिकीकरण के लिए तीन वर्षों में ₹4,500 करोड़ की घोषणा की। उद्घाटन में भारतीय संस्थानों और स्टार्टअप द्वारा डिज़ाइन की गई 28 चिप्स सौंपे गए। SCL सरकारी संस्था बनी रहेगी। PARANGAT लैब छात्रों को सेमीकंडक्टर प्रक्रिया की व्यावहारिक शिक्षा देती है। ये पहलें ₹76,000 करोड़ के सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम (2022) के तहत भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) का हिस्सा हैं।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने SCL मोहाली में PARANGAT सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण लैब का उद्घाटन किया।
- SCL के आधुनिकीकरण और उत्पादन 100 गुना बढ़ाने के लिए ₹4,500 करोड़ निवेश की घोषणा हुई।
- SCL मोहाली 1984 से भारत की पहली और एकमात्र सरकारी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा है।
- कार्यक्रम में भारतीय संस्थानों और स्टार्टअप द्वारा डिज़ाइन किए गए 28 चिप सौंपे गए।
- यह पहल सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत ₹76,000 करोड़ के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा है।
- सरकार ने निजीकरण से इनकार करते हुए SCL को सरकारी स्वामित्व में बनाए रखने का निर्णय लिया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत सेमीकंडक्टर मिशन एवं आत्मनिर्भर भारत लक्ष्यों के स्तंभ के रूप में परांगत प्रशिक्षण लैब तथा एससीएल मोहाली आधुनिकीकरण का मूल्यांकन करें।
उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एससीएल मोहाली में परांगत प्रशिक्षण लैब एवं प्रोसेस गैलरी का उद्घाटन किया। यह 1984 में इसरो के अधीन स्थापित एकमात्र सरकारी फैब है। ₹4,500 करोड़ के तीन-वर्षीय आधुनिकीकरण से क्षमता 100-गुना बढ़ेगी और यह ₹76,000 करोड़ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम का पूरक होगा; उद्घाटन में स्वदेशी रूप से डिज़ाइन की गई 28 चिप्स सौंपी गईं।
इस विषय की स्थिर तैयारी
इस खबर के पीछे का स्थायी सिलेबस पढ़ें।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
परांगत सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किस सुविधा में हुआ?
PARANGAT सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन SCL (सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी) मोहाली में हुआ।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PARANGAT सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण लैब क्या है और इसका उद्घाटन कहाँ हुआ?
PARANGAT सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण लैब का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पंजाब के मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL) में किया। यह छात्रों और पेशेवरों को सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण देती है।
SCL मोहाली क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
SCL (सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी) मोहाली भारत की पहली और एकमात्र सरकारी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा है, जिसकी स्थापना 1984 में ISRO और अंतरिक्ष विभाग के तहत हुई थी। सरकार ने इसके निजीकरण से इनकार करते हुए इसे सरकारी स्वामित्व में बनाए रखने का निर्णय लिया है।
सरकार ने SCL मोहाली के आधुनिकीकरण के लिए कितना निवेश घोषित किया?
सरकार ने SCL मोहाली के आधुनिकीकरण और उत्पादन क्षमता 100 गुना बढ़ाने के लिए तीन वर्षों में ₹4,500 करोड़ के निवेश की घोषणा की। यह सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत ₹76,000 करोड़ के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन क्या है और इसका वित्तीय आवंटन कितना है?
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत ₹76,000 करोड़ की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य भारत में एक मजबूत सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले पारिस्थितिकी तंत्र बनाना और भारत को वैश्विक चिप निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
SCL मोहाली के उद्घाटन समारोह में क्या उपलब्धि प्रदर्शित की गई?
उद्घाटन कार्यक्रम में भारतीय संस्थानों और स्टार्टअप्स द्वारा डिज़ाइन किए गए 28 चिप सौंपे गए, जो भारत की बढ़ती स्वदेशी चिप-डिज़ाइन क्षमता का प्रतीक है। यह आयोजन भारत की चिप आयातक से चिप डिज़ाइनर और निर्माता बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें