राजस्थान उच्च न्यायालय ने 18 नवंबर 2025 के आसपास राज्य सरकार को जैसलमेर की गड़ीसर झील के संरक्षण के लिए विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह 14वीं सदी का कृत्रिम जलाशय है, जिसे राजा रावल जैसल ने बनवाया था और बाद में महारावल गड्सी सिंह ने इसका नवीकरण कराया (जिनके नाम पर इसका नाम पड़ा)। ऐतिहासिक रूप से यह झील जैसलमेर शहर का मुख्य जल स्रोत थी और थार मरुस्थल में वर्षा जल संचयन की महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में काम आती थी। न्यायालय का हस्तक्षेप अतिक्रमण, पानी की गुणवत्ता में गिरावट और झील के जलग्रहण क्षेत्र में प्रदूषण से जुड़ी चिंताओं के बीच हुआ। गड़ीसर झील राजस्थान के मध्यकालीन इंजीनियरिंग कौशल का प्रमाण है और इसमें घाट, मंदिर एवं छत्रियाँ हैं। यह मामला राष्ट्रीय जल नीति और सार्वजनिक न्यास सिद्धांत के तहत जल निकायों के संरक्षण में न्यायिक सक्रियता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।