मुख्य तथ्य

  • राजस्थान की 4 यूनेस्को विश्व धरोहर संपत्तियाँ — केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान — 1985 — जंतर-मंतर, जयपुर — 2010
  • राजस्थान के पर्वतीय दुर्ग — क्रमिक संपत्ति, 2013 — चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, गागरोन, आमेर और जैसलमेर
  • राजस्थान में केंद्रीय संरक्षित स्मारक और स्थल — भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण की वर्तमान सूची में 163 — जयपुर वृत्त: 90; जोधपुर वृत्त: 73
  • 2025 में पर्यटक यात्राएँ - घरेलू: 2,525.03 लाख - विदेशी: 19.45 लाख - स्रोत: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26, आधिकारिक पर्यटन शृंखला
  • पैलेस ऑन व्हील्स — राजस्थान पर्यटन विकास निगम और भारतीय रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से संचालित विरासत रेलगाड़ी — पहली यात्रा: 26 जनवरी 1982

मुख्य बिंदु

  1. 1

    राजस्थान की 4 यूनेस्को विश्व धरोहर संपत्तियाँ

    • केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान — 1985
    • जंतर-मंतर, जयपुर — 2010
    • राजस्थान के पर्वतीय दुर्ग, जिनमें 6 दुर्ग शामिल हैं — 2013
    • जयपुर नगर — 2019
  2. 2

    राजस्थान के पर्वतीय दुर्ग — क्रमिक संपत्ति, 2013

    • चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, गागरोन, आमेर और जैसलमेर
    • छह घटक मिलकर एक यूनेस्को संपत्ति बनाते हैं, छह अलग अंकन नहीं
    • मानदंड (2) और (3)
  3. 3

    राजस्थान में केंद्रीय संरक्षित स्मारक और स्थल

    • भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण की वर्तमान सूची में 163
    • जयपुर वृत्त: 90; जोधपुर वृत्त: 73
    • स्रोत: भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण की केंद्रीय संरक्षित स्मारक और स्थल सूची
  4. 4

    2025 में पर्यटक यात्राएँ

    • घरेलू: 2,525.03 लाख
    • विदेशी: 19.45 लाख
    • स्रोत: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26, आधिकारिक पर्यटन शृंखला
  5. 5

    पैलेस ऑन व्हील्स

    • राजस्थान पर्यटन विकास निगम और भारतीय रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से संचालित विरासत रेलगाड़ी
    • पहली यात्रा: 26 जनवरी 1982
    • 7 रात और 8 दिन के यात्राक्रम में प्रमुख विरासत गंतव्यों को जोड़ती है
  6. 6

    यूनेस्को स्थिति लिखने में सावधानी

    • जयपुर नगर अनंतिम प्रक्रिया से आगे बढ़कर 2019 में अंकित हुआ
    • मरु राष्ट्रीय उद्यान 2006 से अनंतिम सूची में है
    • आधिकारिक यूनेस्को नामांकन का स्रोत न हो तो बावड़ियों को केवल निर्मित विरासत के उदाहरण के रूप में लिखें
  7. 7

    प्रमुख पर्यटन परिपथ

    • मरु: जैसलमेर–बीकानेर–बाड़मेर–नागौर
    • मेवाड़: उदयपुर–चित्तौड़गढ़–कुम्भलगढ़–नाथद्वारा
    • हाड़ौती: कोटा–बूँदी–बारां–झालावाड़
    • शेखावाटी: झुंझुनू–सीकर–चुरू
  8. 8

    राजस्थान होमस्टे योजना 2026

    • अधिकतम 8 कमरे और 24 बिस्तर
    • देखरेखकर्ता से संचालन की अनुमति
    • ग्रामीण और विरासत-क्षेत्र पर्यटन के लिए प्रासंगिक
  9. 9

    विरासत आवास

    • अनुकूल पुनःउपयोग से महलों, दुर्गों और हवेलियों के रखरखाव को धन मिल सकता है
    • श्रेणीकरण और स्वामित्व हर संपत्ति में अलग हो सकते हैं
    • राज्यव्यापी संख्या लिखने से पहले वर्तमान आधिकारिक सूची जाँचें
  10. 10

    2026 में नगरों के पुनर्नामकरण की घोषणाएँ

    • माउंट आबू → आबू राज
    • जहाजपुर → यज्ञपुर
    • कामाँ → कामवन
    • इन्हें समसामयिकी के उदाहरण की तरह लिखें और घोषणा को पूरी कानूनी क्रियान्विति से अलग रखें
  11. 11

    वार्षिक पर्यटन उत्सव

    • मरु महोत्सव: जैसलमेर, जनवरी–फरवरी
    • पुष्कर ऊँट मेला: पुष्कर, कार्तिक पूर्णिमा
    • तीज: जयपुर, जुलाई–अगस्त
    • गणगौर: जयपुर और उदयपुर, मार्च–अप्रैल
  12. 12

    गागरोन दुर्ग

    • झालावाड़ में पर्वतीय दुर्गों का घटक
    • आहू और काली सिंध नदियों के संगम पर जल दुर्ग
    • दो ऐतिहासिक जौहरों से जुड़ा
  13. 13

    कुम्भलगढ़ दुर्ग

    • राजसमंद में पर्वतीय दुर्गों का घटक
    • राणा कुम्भा और महाराणा प्रताप से जुड़ा
    • इसकी परिधि दीवार लगभग 36 किमी बताई जाती है
  14. 14

    शेखावाटी की हवेलियाँ

    • झुंझुनू, सीकर और चुरू में केंद्रित
    • चित्रित अग्रभाग और भित्तिचित्रों के लिए प्रसिद्ध
    • 1,000 से अधिक हवेलियों का दावा लोकप्रिय ऐतिहासिक अनुमान है, वर्तमान आधिकारिक सूची नहीं
  15. 15

    स्मारक संरक्षण क्षेत्र

    • प्राचीन स्मारक अधिनियम, 1958, जिसका 2010 में संशोधन हुआ
    • प्रतिबंधित क्षेत्र: केंद्रीय संरक्षित स्मारक से पहले 100 मीटर
    • नियंत्रित क्षेत्र: अगले 200 मीटर, जिसे सामान्यतः 100–300 मीटर कहा जाता है
    • अनुमति वैधानिक विरासत व्यवस्था से नियंत्रित होती है

PYQ दोहराव

पिछले 10 साल: 6 बार पूछा गयाकुल जुड़े PYQ: 6

यह टॉपिक 2023, 2021, 2018 में पूछा गया है। पहले नोट दोहराएँ, फिर जुड़े प्रश्न खोलें।

राजस्थान के विरासत स्थलों और पर्यटन के अंतर्गत RPSC पाठ्यक्रम क्या अपेक्षा करता है?

दायरा

यह विषय विरासत की पहचान को पर्यटन प्रशासन, आर्थिक उपयोग और संरक्षण से जोड़ता है। संपूर्ण उत्तर में स्थल, संस्थाएँ, परिपथ, पर्यटक दबाव और नीति परस्पर जुड़े होने चाहिए।

सीमाएँ

  • स्थापत्य विवरण तभी दें जब वह विरासत-मूल्य समझाता हो।
  • वंशीय इतिहास तभी दें जब वह संरक्षण या पहचान समझाता हो।
  • आर्थिक आँकड़े केवल वर्ष और स्रोत के साथ दें।

परीक्षा का तरीका

  • लघु टिप्पणी में पहचान, स्थान और एक महत्त्व लिखें।
  • विश्लेषणात्मक उत्तर में संरक्षण समस्याएँ, संस्थाएँ और संतुलित निष्कर्ष जोड़ें।

पूरा नोट खोलें

यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।

14 और खंड पूरे नोट में हैं

स्टडी पैक खोलें

संभावित प्रश्न

अभ्यास में जाने से पहले उत्तर संरचना जाँचने के लिए इन प्रश्नों का उपयोग करें।

15MUNESCO की "राजस्थान के पहाड़ी किले" (2013) श्रेणी में शामिल छह किलों के नाम बताइए। उनमें से कौन-सा जल दुर्ग कहलाता है और क्यों?5 अंक · 50 शब्द

मॉडल उत्तर

UNESCO की "राजस्थान के पहाड़ी किले" (2013) सूची में शामिल छह किले हैं — चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथम्भोर, गागरोण, आमेर और जैसलमेर। गागरोण दुर्ग (झालावाड़) जल दुर्ग है — यह आहू और कालीसिंध नदियों के संगम पर स्थित है तथा इसकी कोई भी दीवार भूमि को नहीं छूती, जिससे चारों ओर प्राकृतिक जल सुरक्षा मिलती है।

~50 शब्द · 5 अंक