राजस्थान सरकार ने जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (JSCL) के प्रस्ताव के तहत मंडावा, खाटू श्यामजी, भिवाड़ी, अलवर, बीकानेर और भरतपुर — इन छह शहरों को स्वच्छ एवं हरित इको-सिटी के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी। यह पहल 2025-26 राज्य बजट घोषणा का हिस्सा है, जिसमें तीन वर्षों में ₹900 करोड़ के आवंटन से एक दर्जन से अधिक इको-सिटी विकसित करने की योजना है। कार्यक्रम टिकाऊ शहरी अवसंरचना, हरित परिवहन, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण घटाने पर केंद्रित है। मंडावा (झुंझुनू) और खाटू श्यामजी (सीकर) प्रमुख तीर्थ एवं विरासत नगर हैं, जिन्हें पर्यावरण-अनुकूल शहरी उन्नयन से लाभ मिलेगा।
राजस्थान सरकार ने स्मार्ट सिटी पहल के तहत छह स्वच्छ और हरित इको-सिटी को मंजूरी दी
राजस्थान सरकार ने जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (JSCL) के प्रस्ताव पर मंडावा, खाटू श्यामजी, भिवाड़ी, अलवर, बीकानेर और भरतपुर — इन छह शहरों को स्वच्छ एवं हरित इको-सिटी के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी। यह पहल 2025-26 राज्य बजट घोषणा का हिस्सा है, जिसमें तीन वर्षों में ₹900 करोड़ के आवंटन से एक दर्जन से अधिक इको-सिटी विकसित करने की योजना है। कार्यक्रम टिकाऊ शहरी अवसंरचना, हरित परिवहन, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण कम करने पर केंद्रित है। मंडावा (झुंझुनू) और खाटू श्यामजी (सीकर) प्रमुख तीर्थ एवं विरासत नगर हैं, जिन्हें पर्यावरण-अनुकूल शहरी सुधारों से लाभ होगा।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान ने स्मार्ट सिटी पहल के तहत छह शहरों को स्वच्छ एवं हरित इको-सिटी के रूप में मंजूरी दी।
- चयनित शहर हैं मंडावा, खाटू श्यामजी, भिवाड़ी, अलवर, बीकानेर और भरतपुर।
- यह 2025-26 राज्य बजट का हिस्सा है; तीन वर्षों में 900 करोड़ रुपये से दर्जन-भर इको-सिटी विकसित होंगी।
- कार्यक्रम टिकाऊ शहरी अवसंरचना, हरित गतिशीलता और कचरा प्रबंधन पर केंद्रित है।
- मंडावा (झुंझुनू) और खाटू श्यामजी (सीकर) प्रमुख तीर्थ और विरासत नगर हैं।
- जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (JSCL) इस प्रस्ताव को क्रियान्वित करने वाली नोडल एजेंसी है।
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राजस्थान सरकार ने जेएससीएल प्रस्ताव के तहत कितने शहरों को स्वच्छ और हरित इको-सिटी के रूप में मंजूरी दी है?
राजस्थान सरकार ने जेएससीएल प्रस्ताव के तहत छह शहरों — मंडावा, खाटू श्यामजी, भिवाड़ी, अलवर, बीकानेर और भरतपुर — को स्वच्छ और हरित इको-सिटी के रूप में मंजूरी दी।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान में स्मार्ट सिटी पहल के तहत कौन से छह शहरों को स्वच्छ एवं हरित इको-सिटी के रूप में मंजूरी दी गई?
राजस्थान में स्वच्छ एवं हरित इको-सिटी के रूप में मंजूर छह शहर हैं — मंडावा, खाटू श्यामजी, भिवाड़ी, अलवर, बीकानेर और भरतपुर। यह प्रस्ताव जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (JSCL) द्वारा राज्य की स्मार्ट सिटी पहल के तहत लाया गया था।
राजस्थान के इको-सिटी कार्यक्रम के लिए बजट आवंटन कितना है और कितने शहरों को विकसित करने का लक्ष्य है?
राजस्थान सरकार ने 2025-26 राज्य बजट में इको-सिटी कार्यक्रम के लिए ₹900 करोड़ का आवंटन किया है, जिसका लक्ष्य तीन वर्षों में एक दर्जन से अधिक इको-सिटी विकसित करना है। यह पहल टिकाऊ शहरी अवसंरचना, पर्यावरण-अनुकूल परिवहन, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण कम करने पर केंद्रित है।
राजस्थान इको-सिटी पहल में जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (JSCL) की क्या भूमिका है?
जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (JSCL) राजस्थान में स्वच्छ एवं हरित इको-सिटी प्रस्ताव को क्रियान्वित करने वाली नोडल एजेंसी है। JSCL ने छह चयनित शहरों को टिकाऊ शहरी केंद्रों में विकसित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रस्तुत किया था।
मंडावा और खाटू श्यामजी किन जिलों में हैं और इनका क्या महत्व है?
मंडावा झुंझुनू जिले में और खाटू श्यामजी सीकर जिले में स्थित है। दोनों नगर राजस्थान के प्रमुख तीर्थ और विरासत स्थल हैं, जिससे इनका इको-सिटी के रूप में चयन टिकाऊ पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
राजस्थान के स्वच्छ एवं हरित इको-सिटी कार्यक्रम के मुख्य क्षेत्र कौन से हैं?
यह कार्यक्रम टिकाऊ शहरी अवसंरचना, हरित परिवहन, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण घटाने पर केंद्रित है। यह तीन वर्षों में राजस्थान भर में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार शहरी केंद्र विकसित करने की व्यापक राज्य परिकल्पना का हिस्सा है।
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