मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने मार्च 2026 में तीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण कस्बों के नाम बदले — औपनिवेशिक नामकरण हटाकर प्राचीन पहचान पुनः स्थापित करने के व्यापक प्रयास के तहत।

तीन नए नाम इस प्रकार हैं: (1) माउंट आबू (सिरोही जिला) — नाम बदलकर आबू राज: राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन; 'आबू राज' नाम स्कंद पुराण में उल्लेखित 'अर्बुद पर्वत' से प्रेरित है और इस क्षेत्र की रजवाड़ा विरासत को दर्शाता है। माउंट आबू में दिलवाड़ा जैन मंदिर (11वीं–13वीं सदी), गुरु शिखर (1,722 मी — राजस्थान की सर्वोच्च चोटी) और नक्की झील स्थित हैं। (2) कामां (भरतपुर जिला) — नाम बदलकर कामवन: ब्रज सांस्कृतिक क्षेत्र में स्थित कामां भगवान कृष्ण के बाल्यकाल से जुड़ा है और भागवत पुराण व स्कंद पुराण में 'कामवन' — कामदेव के पौराणिक वन — के रूप में वर्णित है। (3) जहाजपुर (भीलवाड़ा जिला) — नाम बदलकर यज्ञपुर: नए नाम से नगर की वैदिक विरासत और प्राचीन यज्ञ परंपराओं को मान्यता दी गई है।

ये नाम परिवर्तन राष्ट्रीय प्रवृत्ति के अनुरूप हैं — जैसे इलाहाबाद का प्रयागराज, फैजाबाद का अयोध्या और मुगलसराय का पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर नामकरण। आधिकारिक रिकॉर्ड और मानचित्रों के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और भारतीय सर्वेक्षण विभाग की औपचारिक मंजूरी आवश्यक है।