प्रकाशित: 4 मार्च 2026समाचार स्रोतटॉपिक
रक्षा मंत्रालय ने HAL ALH Mk-III हेलीकॉप्टर और रूसी VL-Shtil मिसाइलों के लिए ₹5,083 करोड़ के रक्षा अनुबंध पर हस्ताक्षर किए
3–5 मार्च, 2026 के आसपास भारतीय रक्षा मंत्रालय ने भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कुल ₹5,083 करोड़ (~59 करोड़ USD) के दो प्रमुख खरीद अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।
पहला अनुबंध ₹2,901 करोड़ का है। यह भारतीय तटरक्षक बल के लिए छह एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) Mk-III मेरिटाइम रोल (MR) खरीदने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ किया गया। ALH Mk-III 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत HAL द्वारा स्वदेश में डिजाइन और निर्मित ट्विन-इंजन बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर है।
दूसरा अनुबंध ₹2,182 करोड़ का है, जो JSC रोसोबोरोनएक्सपोर्ट (रूस) के साथ भारतीय नौसेना के चार अनुवर्ती तलवार-श्रेणी के फ्रिगेट के लिए सरफेस-टू-एयर वर्टिकल लॉन्च (VL)-Shtil मिसाइल प्रणाली के लिए हुआ। यह संयुक्त खरीद समुद्री क्षमता की महत्वपूर्ण कमी को पूरा करती है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: मार्च 2026 के 5,083 करोड़ रुपये के रक्षा मंत्रालय खरीद अनुबंध स्वदेशी रक्षा विनिर्माण एवं रणनीतिक आयात के बीच किस प्रकार संतुलन साधते हैं, चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
मार्च 2026 में रक्षा मंत्रालय ने कुल 5,083 करोड़ रुपये के अनुबंध किए: HAL से 2,901 करोड़ रुपये में तटरक्षक के लिए 7,500 कि.मी. तटरेखा की निगरानी के लिए मेक-इन-इंडिया के अंतर्गत छह एएलएच एमके-3 समुद्री भूमिका हेलीकॉप्टर, और रूसी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट से 2,182 करोड़ रुपये में चार तलवार-श्रेणी फ्रिगेट के लिए वीएल-श्तिल सतह-से-हवा प्रक्षेपास्त्र — इससे नौसेना की वायु-रक्षा सुदृढ़ होगी।
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"रक्षा मंत्रालय ने एचएएल एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर के लिए ₹5,083 करोड़ के रक्षा अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए" शीर्षक वाले लेख में वर्णित घटना किस तारीख को हुई?
व्याख्या · सही उत्तर Aरक्षा मंत्रालय ने 03 मार्च 2026 को कुल ₹5,083 करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। इनमें भारतीय तटरक्षक बल के लिए 6 ALH Mk-III हेलीकॉप्टर और भारतीय नौसेना के लिए VL-Shtil मिसाइलें शामिल थीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मार्च 2026 में भारत के रक्षा मंत्रालय ने जिन रक्षा अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए, उनकी कुल राशि कितनी थी?
भारत के रक्षा मंत्रालय ने मार्च 2026 में ₹5,083 करोड़ के रक्षा अनुबंध किए। इनमें HAL के साथ ₹2,901 करोड़ में 6 ALH Mk-III हेलीकॉप्टर (तट रक्षक के लिए) और रूस के रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ ₹2,182 करोड़ में VL-Shtil मिसाइल अनुबंध शामिल थे।
HAL ALH Mk-III हेलीकॉप्टर क्या है और यह भारतीय तट रक्षक के लिए किस भूमिका में काम करेगा?
ALH Mk-III (एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर, समुद्री भूमिका) हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित स्वदेशी हेलीकॉप्टर है जिसमें 70% से अधिक भारतीय सामग्री है। भारतीय तट रक्षक के लिए इसका उपयोग समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव (SAR) और तटीय गश्त में होगा।
VL-Shtil मिसाइल प्रणाली क्या है और यह किस भारतीय नौसैनिक प्लेटफॉर्म के लिए है?
VL-Shtil रूसी मूल की वर्टिकल लॉन्च नौसैनिक सतह-से-हवा मिसाइल प्रणाली है, जो युद्धपोतों को वायु रक्षा कवच देती है। रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ ₹2,182 करोड़ का यह अनुबंध भारतीय नौसेना के तलवार-श्रेणी फ्रिगेट के लिए है।
भारत का रक्षा उत्पादन लक्ष्य क्या है और MoD अनुबंध आत्मनिर्भर भारत से कैसे जुड़ते हैं?
रक्षा मंत्रालय ने आत्मनिर्भर भारत के तहत 2028-29 तक ₹3 लाख करोड़ के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। ALH Mk-III अनुबंध 70%+ भारतीय सामग्री के साथ स्वदेशीकरण को बढ़ावा देता है, हालांकि भारत अभी भी विश्व का सबसे बड़ा हथियार आयातक है।
भारतीय नौसेना में तलवार-श्रेणी फ्रिगेट का क्या महत्व है?
तलवार-श्रेणी के फ्रिगेट रूस से प्राप्त गाइडेड-मिसाइल युद्धपोत हैं, जो भारतीय नौसेना के गहरे समुद्री बेड़े का अहम हिस्सा हैं। ये जहाज जहाज-रोधी, पनडुब्बी-रोधी और वायु रक्षा कार्यों के लिए सुसज्जित हैं; VL-Shtil उन्नयन से उनकी वायु रक्षा क्षमता बढ़ेगी।