प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जनवरी 2026 को अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो रेल फेज 2 परियोजना के अंतिम खंड का उद्घाटन किया। यह गुजरात के शहरी परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नवनिर्मित 5.36 किलोमीटर लंबा सचिवालय-महात्मा मंदिर कॉरिडोर राज्य की राजधानी के दो सबसे महत्वपूर्ण स्थानों — सचिवालय (राज्य सचिवालय परिसर) और महात्मा मंदिर (गांधीनगर के प्रमुख सम्मेलन केंद्र) को जोड़ता है।
इस कॉरिडोर के जुड़ने से अहमदाबाद मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई अब 68 किलोमीटर हो गई है और इसमें 54 स्टेशन हैं, जिससे यह पश्चिम भारत की सबसे व्यापक मेट्रो प्रणालियों में से एक बन गया है। फेज 2 में इस खंड पर पांच नए स्टेशन जोड़े गए हैं। इससे सरकारी कर्मचारियों, सम्मेलन में आने वाले प्रतिभागियों और अहमदाबाद-गांधीनगर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
परियोजना की कुल लागत 5,384 करोड़ रुपये है, जिसका खर्च केंद्र सरकार के अनुदान, राज्य सरकार के योगदान और बहुपक्षीय एजेंसियों के ऋण से पूरा किया गया है। परियोजना को मेट्रो-लिंक एक्सप्रेस फॉर गांधीनगर और अहमदाबाद (MEGA) कंपनी लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया।
मेट्रो फेज 2 से व्यस्त अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर पर सड़क की भीड़ और वाहन प्रदूषण में काफी कमी आने की उम्मीद है। दैनिक यात्रियों के अनुमान बताते हैं कि पूरे एकीकृत नेटवर्क पर प्रतिदिन 4 लाख से अधिक यात्री सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
यह उद्घाटन केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी और शहरी परिवहन परिकल्पना के अनुरूप है। साथ ही, महात्मा मंदिर में आयोजित प्रमुख आर्थिक व औद्योगिक आयोजनों से पहले सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में गुजरात के चल रहे निवेश को भी आगे बढ़ाता है।
