प्रकाशित: 2 सितंबर 2025GetMyUni / IMDराजस्थान
IMD ने बांसवाड़ा और झालावाड़ में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया, राजस्थान के स्कूल बंद
3 सितंबर 2025 को भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और झालावाड़ जिलों के लिए अति भारी वर्षा, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की। अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट भी लागू था।
यह चेतावनी असाधारण रूप से तीव्र मानसून के दौरान आई। भारतीय मौसम विभाग की अंतिम 2025 मानसून रिपोर्ट के अनुसार जून-सितंबर 2025 में राजस्थान में 715.9 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य 435.6 मिमी था; यह सामान्य से 64 प्रतिशत अधिक है। मौसम की यह असामान्य तीव्रता इसी अवधि में उत्तर भारत में देखे गए व्यापक जलवायु रुझानों से मेल खाती थी।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
3 सितंबर 2025 को बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और झालावाड़ के लिए भारतीय मौसम विभाग ने कैसी वर्षा चेतावनी दी?
भारतीय मौसम विभाग के जयपुर केंद्र ने 3 सितंबर 2025 को बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और झालावाड़ के लिए अति भारी वर्षा, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी।
2025 मानसून सीजन में राजस्थान की वर्षा सामान्य से कितनी अधिक रही?
भारतीय मौसम विभाग की अंतिम मानसून रिपोर्ट के अनुसार जून-सितंबर 2025 में राजस्थान में 715.9 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य 435.6 मिमी था; यह 164 प्रतिशत एलपीए या सामान्य से 64 प्रतिशत अधिक है।
भारतीय मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट और रेड अलर्ट में क्या अंतर है?
ऑरेंज अलर्ट भारी से अति भारी वर्षा की स्थिति में तैयारी की जरूरत बताता है, जबकि रेड अलर्ट बहुत गंभीर प्रभाव वाली स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जरूरत बताता है।
सितंबर 2025 की शुरुआत में राजस्थान के किन जिलों के लिए भारी वर्षा की चेतावनी थी?
3 सितंबर 2025 की जयपुर मौसम केंद्र चेतावनी में बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और झालावाड़ के लिए अति भारी वर्षा, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी गई थी।
अधिशेष मानसून के मौसम में दक्षिणी राजस्थान बाढ़ के प्रति अधिक संवेदनशील क्यों है?
बांसवाड़ा, झालावाड़ और प्रतापगढ़ जैसे दक्षिणी जिलों में अपेक्षाकृत अधिक मानसूनी वर्षा होती है; अधिशेष वर्षा से स्थानीय बहाव, जलभराव और नदियों में प्रवाह बढ़ने का जोखिम बढ़ जाता है।