CSE और डाउन टू अर्थ द्वारा जारी भारत के पर्यावरण की स्थिति (SOE) 2026 रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि 9 में से 7 ग्रहीय सीमाएं टूट चुकी हैं, जिनमें सातवीं सीमा महासागर अम्लीकरण है। 1 जनवरी से 30 नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार 99% दिनों में चरम मौसमी घटनाएं हुईं, जिनसे 4,419 मौतें हुईं और 1.741 करोड़ हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ। जनवरी-जून 2025 में बाघ अभयारण्यों के पास कम से कम 43 लोग मारे गए।