सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) अधिनियम 2025, 5 फरवरी 2026 को लागू हुआ। इसे दशकों में भारत के बीमा नियामक ढांचे का सबसे महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। यह अधिनियम 16 दिसंबर को लोकसभा और 17 दिसंबर 2025 को राज्यसभा से पारित हुआ तथा 20 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त हुई।

मुख्य प्रावधान हैं: (1) भारतीय बीमा कंपनियों में FDI सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करना; (2) विदेशी पुनर्बीमा संस्थाओं के लिए निवल स्वामित्व निधि की आवश्यकता 5,000 करोड़ रुपये से घटाकर 1,000 करोड़ रुपये करना; (3) पॉलिसीधारक शिक्षा और संरक्षण कोष की स्थापना; (4) डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के अनुरूप डेटा व्यवस्था; (5) बीमा मध्यस्थों की परिभाषा का विस्तार; और (6) IRDAI को बीमाकर्ताओं से अनुचित लाभ वापस लेने का अधिकार।

यह अधिनियम बीमा अधिनियम 1938, LIC अधिनियम 1956 और IRDA अधिनियम 1999 में संशोधन करता है। राजस्थान में बड़ी ग्रामीण आबादी अभी बीमा से बाहर है, इसलिए वैश्विक बीमाकर्ताओं के टियर-2 और टियर-3 बाजारों में विस्तार से राज्य को लाभ होगा।